इस्लामाबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान सरकार ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय से अपील की कि वह सैन्य अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए छह व्यक्तियों की फांसी पर रोक के आदेश वापस ले।
डॉन ऑनलाइन की एक रपट के मुताबिक, महान्यायवादी सलमान असलम ने जवाब दाखिल करते हुए तर्क दिया कि दोषसिद्धि के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाला सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) एक प्रभावित पक्ष नहीं है।
सरकार ने कहा कि सैन्य अदालतों की स्थापना संसद द्वारा की गई है, जिसका विरोध सर्वोच्च न्यायालय को नहीं करना चाहिए।
जवाब में यह भी कहा गया है कि यदि अपराधियों को न्याय के कठघरे में नहीं लाया गया, तो आतंकवादियों के हाथों मारे गए लोगों के परिवार निराश होंगे।
यह रेखांकित किया गया कि देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना सेना का अधिकार है और इसमें सर्वोच्च न्यायालय को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। जवाब में इस बात पर जोर दिया गया है कि उसके फैसले से आतंकवादियों के खिलाफ देश की जंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि 16 अप्रैल को एससीबीए की याचिका के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने सैन्य अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए छह लोगों की फांसी को स्थगित रखने के आदेश जारी किए थे। याचिका में सभी दोषियों की फांसी रोकने की मांग की गई थी।
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