पीएलओ कार्यकारी समिति की वरिष्ठ सदस्य हनान अशरवी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इजरायल का संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन में शामिल होना उसके द्वारा फिलिस्तीनी महिलाओं पर किए गए जुल्मों और उत्पीड़न को नकारना है।
उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के लिए इजरायल के दूत डैनी डैनन और महिलाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र संगठन के अधिकारियों के बीच इसके लिए सहमति बनी है। यह महिलाओं की पीड़ा से बिल्कुल उलट है।
अशरवी ने कहा, “इजरायल अधिकृत प्रशासन फिलिस्तीनी महिलाओं के खिलाफ आपराधिक कृत्य करते हैं। यहां की महिलाएं इजरायली युद्ध, घेराबंदी, जातिवाद और इजरायल की चरमपंथी नीतियों का शिकार रही हैं।”
उन्होंने कहा कि यह कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के विपरीत है, क्योंकि इजरायल नियमित तौर पर फिलिस्तीनी महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करता है।
पीएलओ आधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र से फिलीस्तीनी क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ इस हिंसा का अंत करने, उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने और शांति सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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