नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की फ्रेंचाइजी बेंगलुरू बुल्स के कोच रणधीर सिंह का मानना है कि 13 सप्ताह तक चलने वाला लीग का पांचवां संस्करण खिलाड़ियों के लिए बोझ नहीं होगा।
नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) की फ्रेंचाइजी बेंगलुरू बुल्स के कोच रणधीर सिंह का मानना है कि 13 सप्ताह तक चलने वाला लीग का पांचवां संस्करण खिलाड़ियों के लिए बोझ नहीं होगा।
पांचवें संस्करण में पीकेएल के प्रारूप में बदलाव किया गया है और टीमों की संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई है।
1997 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित रणधीर ने कहा कि नया प्रारूप लंबा जरूर है, लेकिन यह खेल और खिलाड़ियों के लिए मददगार साबित होगा। यह खिलाड़ियों को साल भर खेल का अभ्यास करने के लिए भी तैयार करेगा।
रणधीर ने आईएएनएस से विशेष बातीच में कहा, “यह (लंबा प्रारूप) खेल के लिए बहुत अच्छा होगा। इसके तीन फायदे हैं- एक यह कि खिलाड़ी पूरे साल कबड्डी का अभ्यास कर सकेंगे, दूसरी बात यह कि इससे खिलाड़ियों के आहार पर भी नजर रखी जा सकेगी और तीसरा यह है कि उन्हें वित्तीय लाभ मिलेगा।”
उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि खिलाड़ी हर दिन एक मैच खेलते हैं। हम बीच में आराम भी करेंगे। हम हर रोज अभ्यास करते हैं और सिर्फ रविवार को आराम करते हैं। इसलिए खिलाड़ियों पर लंबे लीग का कोई बोझ नहीं है, खिलाड़ियों के लिए यह बहुत फायदेमंद है।”
12 शहरों में आयोजित होने वाला लीग का पांचवां संस्करण शुक्रवार को हैदराबाद में शुरू हो गया। 28 अक्टूबर को लीग का फाइनल खेला जाएगा।
लंबे सीजन के साथ, चोटों की भी संभावनाएं होंगी और इससे बचने के लिए रणधीर ने खिलाड़ियों से शिविर में अपने ज्ञान और अनुभव को साझा किया।
उन्होंने कहा, “मैंने पहले से ही अभ्यास शिविर के दौरान खिलाड़ियों को कई सलाह दी हैं। इस बार हमारा अभ्यास शिविर शानदार रहा। हमने बहुत ही व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाया। मैंने हर सप्ताह के लिए एक नई रणनीति बनाई और सूचीबद्ध किया कि हर रोज क्या किया जाना चाहिए।”
रणधीर ने कहा, “मैंने पिछले चार दशकों में अर्जित अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया, जिससे खिलाड़ियों को खेल के बारे में शिक्षित किया जा सके।”
उन्होंने कहा, “एक दिलचस्प तथ्य यह है कि हमारे खिलाड़ियों की औसत उम्र 21 साल है, जो न ही बहुत कम है और न ही बहुत ज्यादा, यह हमारे लिए एक अच्छा है।”
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