नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) के पहले सीजन की कामयाबी के बाद इसके दूसरे सत्र की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
नई दिल्ली में सोमवार से शुरू होने वाले दूसरे संस्करण के लिए सभी छह टीमों ने कमर कस ली है। पहले दिन मुंबई और हरियाणा के रूप में उन दो दिग्गजों के बीच उद्घाटन मुकाबला होगा, जिनके बीच पिछले साल खेले गए फाइनल मुकाबले में भारी संख्या में दर्शक आए थे। आलम यह था कि जितने दर्शक के. डी, जाधव स्टेडियम के अंदर थे, उससे कहीं अधिक स्टेडियम के बाहर।
इस साल दूसरे संस्करण की सबसे खास बात यह है कि सभी मुकाबले इंदिरा गांधी खेल परिसर के के.डी. जाधव स्टेडियम में ही खेले जाएंगे।
पिछली बार मुंबई ने हरियाणा हैमर्स को 7-2 से हराकर पीडब्ल्यूएल की पहली चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा किया था। लीग में भी मुंबई ने इसी टीम को 4-3 से हराया था। इस बार यह टीम मुंबई महारथी के नाम से उतरेगी।
मुंबई महारथी में ओलम्पिक और विश्व चैम्पियनशिप के तीन-तीन पदक विजेता हैं। ओलिम्पिक चैम्पियन कनाडा की एरिका वीब (75 किलो) जहां उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं, वहीं 74 किलो में उसके पास विश्व चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता जैब्रिएल हसानोव हैं। इसके अलावा पाब्लो ओलिनिक इसी चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता हैं। 48 किलो में कैरोलिना को रियो में कांस्य पदक के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय खिलाड़ियों में मुंबई की ताकत राहुल आवारे हैं, जिनका रिकॉर्ड हरियाणा टीम के संदीप तोमर के खिलाफ काफी अच्छा रहा है। इसके साथ ही टीम को 65 किलो में विकास से उलटफेर की उम्मीद है। पीडब्ल्यूएलक के पहले संस्करण में विकास का योगेश्वर दत्त के साथ मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा था।
इससे उलट, इस बार हरियाणा हैमर्स में जहां विश्व चैम्पियन रूस के मैगमोद कुबार्नालिऊ और रियो ओलिम्पिक की पदक विजेता सोफिया मैटसन और मारवा अमरी होंगी, वहीं भारतीय पहलवानों में टीम के पास एशियाई चैम्पियन और ओलम्पियन संदीप तोमर मौजूद हैं। 65 किलो में रजनीश ने पिछली बार एक उलटफेर किया था। इन सब खिलाड़ियों के दम पर हरियाणा हैमर्स से इस बार पिछले साल के परिणाम को पलटने की उम्मीद की जा सकती है।
हरियाणा टीम में 97 किलोवर्ग में अब्दुल सलाम गाडिसोव और मुम्बई के पाब्लो ओलिनिक के बीच कड़े मुकाबले की उम्मीद है। गाडिसोव वल्र्ड चैम्पियनशिप के रजत पदक विजेता हैं, जबकि ओलिनिक को इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल हुआ था। दोनों टीमों के बीच कड़े मुकाबले को देखते हुए खिलाड़ियों की ब्लाकिंग काफी मायने रखेगी। इस मुकाबले में टॉस काफी अहम होगा।
मुंबई टीम के कोच अनिल मान ने कहा कि उनकी टीम काफी संतुलित है। एरिका वीब की अगुवाई में सभी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब हैं, वहीं हरियाणा टीम के कोच नरेंद्र ने कहा कि ओलम्पिक और विश्व चैम्पियनशिप के मौजूदा चार पदक विजेता टीम को मजबूती देंगे।
इस बार परिणाम पिछले साल से हटकर होगा। मुंबई के सलाहकार रामफल मान और हरियाणा टीम के सलाहकार जगमिंदर मानते हैं कि इस मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम होगी।
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