पुणे : मुफ्त में होगा तेजाब पीड़ितों का इलाज

3  Medicare Hospital of Hadapsarपुणे, 2 जनवरी (आईएएनएस)| यहां के एक अस्पताल में एक खास तरह का बर्न सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस बर्न सेंटर में तेजाब हमलों से पीड़ित महिलाओं का मुफ्त में इलाज किया जाएगा। इस अस्पताल का निर्माण दिहाड़ी मजदूरी करने वाले एक व्यक्ति के चिकित्सक बेटे ने कराया है।

पुणे के हडपसर में स्थित मेडीकेयर अस्पताल के संस्थापक और मालिक गणेश राख ने आईएएनएस से कहा, “इस बर्न सेंटर में तेजाब हमलों और दहेज के कारण जलने वाली महिलाओं का मुफ्त में इलाज किया जाएगा। अगर कोई पुरुष इलाज के लिए आता है तो उससे सामान्य रूप से शुल्क लिया जाएगा।”

कुछ माह पहले राख के अस्पताल में एक दहेज उत्पीड़न की शिकार 22 वर्षीय नव विवाहिता इलाज के लिए आई थी, जिसके बाद से उनको यह विचार आया। उसको कथित तौर पर ससुराल पक्ष के लोगों ने आग लगा दी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था।

राख ने कहा, “हमारे पास इस तरह के मामलों के लिए विशेष इलाज उपलब्ध नहीं था और पुणे का एकमात्र निजी अस्पताल इसके लिए 30,000 रुपये प्रतिदिन की फीस लेता है। इस तरह के मामलों में इलाज असीमित समय के लिए चलता है।”

जब महिला के परिजनों को इलाज से संबंधित खर्च के बारे में बताया गया, तो उसके परिजनों ने कहा कि अगर उनके पास इतना पैसा होता तो वे महिला के ससुराल वालों की दहेज की मांग पूरी कर देते और वह इस स्थिति से बच जाती।

महिला की दुर्दशा ने राख को विचलित कर दिया और उन्होंने इस तरह के मामलों में कुछ करने की ठानी।

अपने सहयोगियों और विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद राख ने अपने ही अस्पताल में एक बर्न सेंटर स्थापित करने का फैसला किया साथ ही यह भी तय किया कि इस इकाई में देशभर की महिलाओं का मुफ्त में इलाज किया जाएगा।

राख ने कहा कि 40 फीसदी जली मरीज के पूरे इलाज पर कम से कम 15 से 25 लाख रुपये खर्च होते हैं, जो कि मेडिकेयर बर्न्‍स सेंटर में मुफ्त किए जाएंगे।

दिहाड़ी मजदूर आदिनाथ (68) और घरेलू काम करने वाली सिंदू (61) के बेटे राख ने 2001 में अपनी चिकित्सा की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद निजी प्रैक्टिस करने बाद मेडिकेयर अस्पताल की स्थापना की।

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