नई दिल्ली, 6 दिसम्बर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार देश के पूर्वी तट पर तीन नए एलएनजी टर्मिनल स्थापित करने की योजना बना रही है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ए. पी. साहनी ने यहां चल रहे हाईड्रोकार्बन पर पेट्रोलियम इंटरनेशल कांफ्रेस में मंगलवार को कहा कि तीन नए टर्मिनल स्थापित करने की योजना बनाई गई है, जो एन्नोर, काकीनाडा और धामरा बंदरगाह पर स्थापित किए जाएंगे।
साहनी ने कहा कि सरकार इसके अलावा बंद पड़ी गैस आधारित बिजली उत्पादन क्षमता को पुर्नजीवित करने का प्रयास कर रही है।
पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान ने पिछले हफ्ते यहां कहा था कि देश में प्राकृतिक गैस की खपत अगले पांच सालों में दोगुना करने की योजना बनाई जा रही है।
प्रधान ने कहा कि यह वर्तमान के 12 करोड़ घनमीटर से बढ़कर 24 करोड़ घनमीटर रोजाना हो जाएगी।
प्रधान ने उद्योग मंडल सीआईआई, नीति आयोग और अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक गैस पर संयुक्त रूप से आयोजित सम्मेलन में कहा, “गैस का उपभोग बढ़ाने की दिशा में सबसे बड़ी रुकावट इसकी कीमत थी, और यह कि इसका निर्धारण कौन करेगा। हमारी सरकार ने इस क्षेत्र का सबसे बड़ा नीतिगत सुधार करते हुए कीमतों का विनिमयन समाप्त कर दिया है।”
स्वच्छ ईधन के रूप में गैस के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश की योजना बनाई गई है, खासतौर से पूर्वी और दक्षिणपूर्वी क्षेत्रों के लिए जहां गैस का प्रयोग कम किया जाता है।
उन्होंने कहा, “गैस की खोज पर अगले 5-7 सालों में 20 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।”
प्रधान ने कहा कि पूर्वी क्षेत्र की बंद पड़ी तीन उर्वरक इकाइयों को गैस की मदद से फिर से शुरू किया गया है, जिससे 20 शहरों के फिर से औद्योगीकरण में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “गेल ने जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धमारा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना अपने हाथों में ली है और पूर्वी तट के साथ एलएनजी टर्मिनल की श्रृंखला बनाने की योजना बनाई गई है।”
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