नेशनल एनर्जी एडमिनिस्ट्रेशन (एनईए) ने हिदायत देते हुए बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्रों ने हाल के वर्षो में अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न की है, जिससे प्रदूषण में गंभीरता से इजाफा हुआ।
एनईए ने इन क्षेत्रों से 75 लाख से अधिक किलोवाट की संयुक्त क्षमता वाली कोयला आधारित बिजली उत्पादन परियोजनाओं को रद्द या स्थगित करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत से अधिक ऊर्जा की बर्बादी दर वाले क्षेत्रों को नई परियोजनाओं को बंद कर देना चाहिए।
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