वाशिंगटन, 13 मई (आईएएनएस)। भारतीय मूल के शोधकर्ताओं सहित शोधकर्ताओं के एक दल ने चट्टानों की संरचना में पाए जाने वाली उस सामग्री की खोज की है, जो पृथ्वी के निर्माण के शीघ्र अस्तित्व में आई थी।
यह खोज वैज्ञानिकों को हमारे ग्रह की संरचना की प्रारंभिक अवधि की प्रक्रियाओं और करीब 4.5 अरब साल से जारी इसकी आंतरिक गतिशीलता को समझने में मददगार साबित होगी।
युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया का शोध दल पृथ्वी के अस्तित्व में आने के दौरान जल्दी-जल्दी पिघल रहे पदार्थो में सुरक्षित बचे पदार्थो के भूगर्भीयरसायन चिन्ह खोजने में सक्षम रहे हैं।
उन्होंने उत्तरी कनाडा के बैफिन द्वीप और प्रशांत महासागर के ओनटोंग जावा पठार से अपेक्षाकृत नवीन चट्टानें खोजी है।
ये चट्टान संरचनाएं फ्लड बसाल्ट्स (यह एक विशाल ज्वालामुखी विस्फोट या विस्फोट की श्रृंखला का परिणाम है ) कही जाती हैं, क्योंकि ये भारी मात्रा में लावा निकलने से निर्मित हुई हैं।
यह जमा हुआ लावा केवल छह करोड़ वर्ष से 12 करोड़ वर्ष पुराना है। लेकिन शोध दल के मुताबिक पृथ्वी के अंदर पिघला हुआ पदार्थ बेसाल्ट चट्टानों के मैदानों के निर्माण के दौरान बच गया होगा और यह प्रक्रिया 4.5 अरब साल पहले हुई थी।
पृथ्वी के आंतरिक भाग में इन पदार्थो की मौजूदगी को देखकर शोधार्थी चकित रह गए थे।
यह शोध साइंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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