सियोल, 4 जुलाई (आईएएनएस)। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पेरिस समझौते से अमेरिका के हटने के बावजूद समझौते के प्रति वैश्विक नेताओं की प्रतिबद्धता का समर्थन किया है।
दक्षिण कोरिया के चोसुन इल्बो मीडिया समूह द्वारा आयोजित सियोल सम्मेलन में ओबामा ने कहा, “पेरिस समझौते से अमेरिकी नेतृत्व के अस्थायी रूप से गैरमौजूदगी के बावजूद यह हमारे बच्चों को सभ्यता की बहुत सारी चुनौतियों को हल करने में महत्वपूर्ण कारक होगा।”
सीएनएन की रपट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पेरिस जलवायु समझौते से जून में हटने के फैसले की कुछ नेताओं ने आलोचना की।
ट्रंप ने बीते महीने कहा था कि वह समझौते के पहलुओं पर फिर से बातचीत करने के लिए तैयार हैं, जिस पर उनके डेमोक्रेटिक पूववर्ती ने हस्ताक्षर किए थे व जिस पर दो को छोड़कर सभी देशों ने हस्ताक्षर किए थे।
अपने भाषण में ओबामा ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के शासन को जारी रखने पर चीन की भूमिका पर प्रकाश डाला।
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, “चीन वह देश है, जिस पर उत्तर कोरिया कुछ हद तक व वहां के समाज का उच्च तबका विदेशी मुद्रा, आधारभूत आपूर्ति के लिए निर्भर है, जो शासन के लिए महत्वपूर्ण है।”
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