पेस 42 की उम्र में भी गेंद को अपने इशारों पर नचाते हैं (आईएएनएस विशेष)

पेरिस, 5 जून (आईएएनएस)। अपने करियर में 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीतकर एक बार फिर साबित कर दिया है कि 42 उनके लिए उम्र की महज एक संख्या है।

पेरिस, 5 जून (आईएएनएस)। अपने करियर में 18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीतकर एक बार फिर साबित कर दिया है कि 42 उनके लिए उम्र की महज एक संख्या है।

खेल को अपनी ओर करने और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के हाथों से जीत की बाजी को हासिल करने की कला से 42 वर्षीय पेस ने एक बार फिर बेमिसाल उपलब्धी हासिल की और साबित कर दिखाया कि जीतने के लिए उम्र नहीं मजबूत जज्बा मायने रखते हैं।

पेस ने अपने करियर में अब तक आठ पुरुष युगल खिताब और 10 मिश्रित युगल खिताब जीते हैं।

स्विट्जरलैंड की टेनिस खिलाड़ी मार्टिना हिंगिस के साथ 2015 से मिश्रित युगल में खेल रहे पेस ने 18 माह के कम समय में ही चार ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम कर लिए।

पेस की पूर्व जोड़ीदार मार्टिना नवरातिलोवा के मिश्रित युगल में 10 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं और अब भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी ने भी उनकी बराबरी कर ली है।

ऐसे उच्च स्तर पर इतने लंबे समय से निरंतर खेलते रहने के पीछे की प्रेरणा के बारे में पूछे जाने पर पेस ने कहा, “भूख और जुनून, जो हमेशा मेरे जज्बे को कायम रखता है। अपने ओलम्पिक खेलों में खेले गए मुकाबलों पर मैं एक नजर जरूर डालता हूं। मैं सच में खुश हूं कि विंबलडन और ओलम्पिक से पहले इतने अच्छे फार्म में हूं और शारीरिक रूप से मजबूत और फिट हूं।”

पेस से जब उनके जीवन की आत्मकथा (ऑटोबायोग्राफी) के जारी होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “इस पर अभी काम चल रहा है। मेरे कुछ दोस्तों ने इस पर काम कर रहे हैं और वे जल्द ही इस बारे में जानकारी देंगे।”

पेस रणनीतिज्ञ रूप से खेलने में भी माहिर हैं और इसलिए उन्हें टेनिस कोर्ट पर कभी-कभी शतरंज रूपी प्रारूप में खेलते देखा जाता है। वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं, जो अपनी ताकत पर निर्भर नहीं रहते।

कोलकाता के सीधे हाथ के टेनिस खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वियों पर दबाव डालकर बॉल को उनकी पहुंच से बाहर करने में भी माहिर हैं। उनका दिमाग हर पल सक्रिय रहता है और मुकाबले के दौरान सही शॉट का अवसर तलाशता, जिसका फायदा उठाकर वह खेल की बाजी पलट सकें और जीत को अपने पाले में कर सकें।

हिंगिस ने अपने जोड़ीदार पेस के साथ खेलने के दौरान अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया, “हम कोर्ट के अंदर और बाहर बेहद ही सहज रूप से एक-दूसरे से संपर्क कर पाने में सक्षम हैं। महत्वपूर्ण समय में हम दोनों एक दूसरे पर पूर्ण विश्वास रखते हैं। पेस एक ऐसे इंसान हैं जिन पर मैं पूरा भरोसा कर सकती हूं।”

कोर्ट पर भारतीय टेनिस खिलाड़ी की क्षमता के बारे में हिंगिस ने कहा, “वह खेल को समझते हैं और जानते हैं कि जीत हासिल करने के लिए क्या करने की जरूरत है? पेस काफी सकारात्मकर, आश्वस्त और दिग्गज हैं। मुश्किल के पलों में उन्हें यह भलिभांति पता होता है कि आगे बढ़कर अवसर का फायदा कैसे उठाना है?”

पेस से जब इस उम्र में इस तरह की फिटनेस के पीछे प्रशिक्षण से जुड़े मंत्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसका कारण कार्यप्रणाली है।

उन्होंने कहा, “टेनिस की कुशलता मांसपेशियों से जुड़ी है। मुझे पता है कि शॉट को कैसे मारना है? मुझे फिट रहना और युवा खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करना अच्छा लगता है।”

पेस ने कहा कि वह वर्तमान में अपनी डाइट, क्षमता, तेजी और फिटनेस पर काफी ध्यान दे रहे हैं। उनके पिता डॉ. वेसे पेस के पास 40 साल के करियर में सैकड़ों एथलीटों के साथ काम करने का अनुभव था। इसके साथ ही भारतीय टेनिस खिलाड़ी के पास टेनिस खेलने का 30 साल अनुभव है।

18 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके भारतीय टेनिस खिलाड़ी ने कहा, “मैं जानता हूं कि अन्य खेलों में प्रशिक्षण का क्या स्तर है और नोवाक जोकोविक तथा एंडी मरे के फिटनेस मंत्र के बारे में भी जानता हूं।”

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