रियो डी जेनेरियो, 7 अगस्त (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय पैरालम्पिक समिति (आईपीसी) ने रूस पर पैरालम्पिक-2016 खेलों में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आईपीसी ने रविवार को इस बात की पुष्टि की।
यह फैसला विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की रूस की पैरालम्पिक टीम को खेलों से प्रतिबंधित करने की सलाह के बाद लिया गया है।
पैरालम्पिक खेलों का आयोजन सात सितंबर से 18 सितंबर तक ब्राजील के शहर रियो डी जेनेरियो में किया जाएगा।
यह फैसला अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) द्वारा रूस को रियो ओलम्पिक-2016 से पूरी तरह प्रतिबंधित न करने के फैसेल के बाद आया है।
आईपीसी के अध्यक्ष फिलिप क्रावेन ने रविवार को एक बयान में कहा, “शुक्रवार को जब नियामक संस्था की बैठक हुई तो आम सहमति से यह फैसला लिया गया। सभी का मानना था कि रूस की पैरालम्पिक समिति अभी आईपीसी और वाडा के डोपिंग नियमों का अपने राष्ट्र के कार्यश्रेत्र में ही पालन नहीं कर पाई है।”
उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि रूस पैरालम्पिक समिति ने आईपीसी की सदस्यता के सभी अधिकार खो दिए हैं। इसका मतलब है कि आईपीसी द्वारा कराई जाने वाली प्रतियोगिताओं में रूस के पैरा खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले सकते।”
उन्होंने कहा, “इसी के चलते रूस पैरालम्पिक समिति रियो पैरालम्पिक-2016 में हिस्सा नहीं ले पाएगी।”
वाडा ने आईओसी से रूस के खिलाड़ियों को सभी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित करने को कहा था, लेकिन आईओसी ने यह फैसला अलग-अलग खेल की महासंघों पर छोड़ दिया था।
क्रावेन ने कहा, “रूस पैरालम्पिक समिति को आज ही इस फैसले के बारे में बता दिया गया है। यह ऐसा फैसला है जिसका हमारे ऊपर काफी दबाव था, लेकिन हमने यह फैसला पैरालम्पिक खेलों के उद्देश्य और खेलों के हित को ध्यान में रखकर लिया है।”
आईपीसी ने इससे पहले मैक्लारेन रिपोर्ट में रूस के 35 पैरालम्पिक खिलाड़ियों का नाम आने के बाद जुलाई में रूस ओलम्पिक समिति पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था।
dharmpath.com dharmpath