पोप ने कहा, ट्रंप ‘ईसाई नहीं’

मैक्सिको सिटी, 19 फरवरी (आईएएनएस)। पोप फ्रांसिस ने गुरुवार को कहा कि रिपब्लिकन पार्टी में राष्ट्रपति पद के दावेदार डोनाल्ड ट्रंप अगर गैर पंजीकृत आव्रजकों को वापस भेजने और अमेरिका तथा मैक्सिको के बीच दीवार खड़ी करने की बात करते हैं तो इसका अर्थ यह है कि वह ‘ईसाई’ नहीं हैं।

सीएनएन की रपट के अनुसार, मैक्सिको से वापस रोम लौटे पोप ने कैथलिक समुदाय से ट्रंप को वोट नहीं देने की अपील नहीं की है। मैक्सिको में उन्होंने अमेरिका से अपनी दक्षिणी सीमा पर ‘मानवीय संकट’ से निपटने का आग्रह किया।

पोप ने आव्रजन सुधार के संवेदनशील मामले में अपने रुख को साफ किया। पोप से संवाददाताओं ने अवैध आव्रजन रोकने के ट्रंप के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया मांगी। उन्होंने कहा, “जो इंसान दूरियां पाटने के बजाए केवल दीवारों का निर्माण करने की सोचता है, वह ईसाई नहीं। यह धर्म की शिक्षा नहीं है।”

ट्रंप ने कह रखा है कि राष्ट्रपति चुने जाने पर वह अवैध आव्रजन रोकने के लिए मैक्सिको-अमेरिका सीमा पर दीवार बनवाएंगे।

ट्रंप ने पोप के बयान पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘शर्मनाक’ बताया।

ट्रंप ने एक बयान में कहा, “किसी भी नेता, विशेषकर धार्मिक नेता को किसी भी अन्य व्यक्ति के धर्म और आस्था पर प्रश्न करने का अधिकार नहीं है। मैक्सिको में, जहां पोप ने पांच दिन बताए हैं, सरकार ने पोप से मेरे बारे में कई अपमानजनक टिप्पिणयां की हैं।”

ट्रंप ने कहा, “अगर कभी आईएस (आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट) ने वैटिकन पर हमला किया, जो कि सभी लोग जानते हैं कि आईएस की आखिरी ख्वाहिश है, तो मेरी बात मान लीजिए कि पोप उस वक्त बस यही एक इच्छा करेंगे कि काश ट्रंप राष्ट्रपति होता।”

ट्रंप और पोप के बीच तनातनी का माहौल कुछ दिनों से लगातार बन रहा था। पोप की मैक्सिको यात्रा से पहले ट्रंप ने कहा कि पोप राजनैतिक रूप से भोले-भाले हैं, उन्हें अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर मौजूद खतरों की समझ नहीं है।

पोप से जब पूछा गया कि क्या अमेरिकी कैथलिक को ट्रंप के लिए वोट करना चाहिए, तो उन्होंने कहा, “मैं इन सबमें शामिल नहीं होना चाहता हूं। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि अगर इस इंसान ने यह सब बातें की हैं, तो यह ईसाई नहीं है।”

वैसे पोप की बात से यह भी साफ हुआ कि उन्हें पता नहीं है कि अवैध आव्रजन के मुद्दे पर ट्रंप ने वस्तुत: क्या कहा है। उन्होंने कहा कि वह जब तक खुद से ट्रंप की बातों को नहीं सुन लेते तब तक वह उन्हें ‘संदेह का लाभ’ देंगे।

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