नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। भारत को पहली बार ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप का खिताब दिलाने वाले दिग्गज बैंडमिटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण को सोमवार को भारतीय बैंडमिटन संघ (बीएआई) ने इस खेल में उनके योगदान के लिए ‘लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया है।
भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने प्रकाश पादुकोण को उनकी परिवार की मौजूदगी में यह अवार्ड देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने प्रकाश पादुकोण को दिग्गज बैंडमिटन खिलाड़ी बताते हुए कहा, “प्रतिभा का सम्मान करना भारतीय संस्कृति है। प्रकाश को सम्मान देना इसीलिए जरूरी है क्योंकि वह लोगों को प्रेरणा स्रोत हैं और उनसे युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है।”
प्रकाश ने 1980 में डेनमार्क ओपन के फाइनल में जगह बनाई थी और इसी साल ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप का खिताब जीता था। 1980 में वे विश्व के नम्बर-1 पुरूष बैंडमिटन खिलाड़ी बने थे।
इस मौके पर प्रकाश ने कहा, “मैं सम्मान को पाकर बेहद गर्व महसूस कर रहा हूं। इस सम्मान के पीछे मेरी प्रतिभा, मेरी कड़ी मेहनत के अलावा शुभचिंतकों की दुआओं का मेरी सफलता में अहम रोल रहा है। मैं इसके लिए कर्नाटक राज्य बैंडमिंटन संघ और बीएआई का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने उस समय कम संसाधनों के रहते हुए मेरा समर्थन किया।”
उन्होंने कहा, “मैंने बैंडमिटन परिणाम के बजाय अपने प्यार और संतुष्टि के लिए खेला। मैं इस बात से खुश हूं कि मेरे जमाने से अब बैंडमिंटन ने काफी तरक्की की और इसमें मीडिया कवरेज, युवा प्रतिभाओं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन वजह रहा। इसके कारण यह खेल इस देश में क्रिकेट के बाद दूसरा सबसे लोकप्रिय खेल बन गया है।”
प्रकाश ने इस मौके पर भारतीय खिलाड़ियों से अपील की कि उनकी कोशिश खेल को ज्यादा से ज्यादा देने की कोशिश होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमें हमेशा अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। हमें सोचना चाहिए कि हम खेल को क्या दे सकते हैं न कि खेल से क्या ले सकते हैं।”
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