इस समझौते से प्रशांत क्षेत्र के 12 देशों के बीच निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इन देशों की अर्थव्यवस्था वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 40 प्रतिशत है।
कई साल की असफल वार्ताओं के बाद अमेरिका के नेतृत्व में अक्टूबर 2015 में इस समझौते पर सहमति बनी।
आस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री एंड्रयू रॉब ने सबसे पहले इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
टीपीपी में शामिल देशों में आस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, कनाडा, चिली, जापान, मलेशिया, मेक्सिको, न्यूजीलैंड, पेरू, सिंगापुर, अमेरिका और वियतनाम हैं।
टीपीपी का हालांकि काफी विरोध भी हो रहा है।
अमेरिका में इस सौदे के विरोधियों को यह डर है कि इससे रोजगार अमेरिका से विकासशील देशों की ओर जा सकता है।
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