प्रीटोरिया, 6 जुलाई (आईएएनएस)। प्रीटोरिया उच्च न्यायालय ने बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के पैरालम्पिक धावक ऑस्कर पिस्टोरियस को अपनी प्रेमिका रीवा स्टीनकैम्प की हत्या के मामले में छह साल की सजा सुनाई है।
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, प्रीटोरिया उच्च न्यायालय की न्यायाधीश थोकोजिले मासिपा ने कहा कि पिस्टोरियस ‘हिंसक व्यक्ति’ नहीं हैं, उन्होंने पश्चाताप और समाज सेवा की प्रवृत्ति दिखाई है।
मासिपा ने पिछले वर्ष इस मामले में दिए अपने फैसले में पिस्टोरियस को गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया था, जिसे दक्षिण अफ्रीका के सर्वोच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था।
मासिपा ने कहा, “वह ऐसे हीरो हैं जो अपनी ढलान पर हैं, जिसने अपना करियर खो दिया है, और आर्थिक तौर पर बर्बाद हो चुका है।”
न्यायाधीश ने यह दलील इस अपराध के लिए न्यूनतम सजा (15 साल) से कम सजा देने के फैसले को सही ठहराते हुए दी। अभियोजन पक्ष अपराध के लिए न्यूनतम सजा की मांग कर रहा था।
मासिपा ने कहा, “वह शांती से नहीं रह पाएंगे।”
अपने फैसले में मासिपा ने कहा कि पिस्टोरियस पुनर्वास के लिए सही व्यक्ति हैं। उन्होंने यह बात नजरबंद होने से पहले जेल में बिताए 10 महीनों में साबित की थी।
उन्होंने कई सुधार कार्यक्रमों में सफलतापूर्वक हिस्सा लिया है।
न्यायाधीश ने कहा, “सामाजिक कार्यक्रमों के प्रति उनका झुकाव महान काम है।”
मासिपा ने कहा कि उन्होंने फैसला लेते समय आरोप की गंभीरता को कम करने वाले कई तथ्यों और उत्तेजक परिस्थितियों को ध्यान में रखा है।
उदाहरण के तौर पर पिस्टोरियस ने तुरंत ही अपनी प्रेमिका की जान बचाने की कोशिश की और उन्होंने सही मायनों में पश्चाताप करने की कोशिश की।
पैरालम्पिक धावक पिस्टोरियस को 14 फरवरी 2013 को अपनी प्रेमिका रिवा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। धावक ने अपना पक्ष रखते हुए अदालत में कहा था कि उन्होंने अपनी प्रेमिका को घुसपैठिया समझा था और अपने बचाव में बाथरूम के दरवाजे से गोली चला दी थी।
मासिपा ने उनकी दलीलों को माना था और उन्हें गैर-इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी।
लेकिन देश के सर्वोच्च न्यायालय ने यह कहते हुए उनका फैसला पलट दिया था कि पीड़िता की पहचान से बेपरवाह उनकी मंशा साफ तौर पर हत्या करने की थी।
बुधवार को सुनाई गई सजा में न्यूनतम 15 साल की सजा की अपील को खारिज करते हुए पिछली सजा में एक साल की बढ़ोत्तरी की गई है।
पिस्टोरियस की कानूनी टीम ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील नहीं करेंगे।
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