लंदन, 1 मार्च (आईएएनएस)। बड़ा आश्चर्य होता है, जब पक्षी बेहद लंबी दूरी तय कर मनचाही जगह पर पहुंच जाते हैं और फिर वहां से वापस भी आ जाते हैं। ऐसा करने के लिए पक्षियों में क्रिप्टोक्रोम नामक एक प्रोटीन होता है, जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को समझने और उससे प्रतिक्रिया करने में उसकी मदद करता है।
क्रिप्टोक्रोम प्रोटीन पक्षियों तथा पौधों में सरकाडियन रिद्म को नियंत्रित करता है। प्रोटीन में मौजूद इलेक्ट्रॉन को नीला या हरा प्रकाश सक्रिय कर देता है, जो एक जोड़ा कण का निर्माण करता है और यही कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से प्रतिक्रिया करते हैं।
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञानी तथा मुख्य शोधकर्ता पीटर होर ने कहा, “अगर हम चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति में बदलाव करते हैं, तो प्रोटीन के अंदर होने वाले प्रकाश रासायनिक क्रियाओं में परिवर्तन ला देता है।”
जर्मनी के ओल्डेनबर्ग विश्वविद्यालय में होर के सहयोग से हेनरिक मोरिटसेन द्वारा व्यवहार को लेकर हुए प्रयोगों में यह बात सामने आई है कि चुंबकीय क्षेत्र में थोड़ी सी बाधा पक्षियों के दिशा ज्ञान की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
dharmpath.com dharmpath