समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मानवीय हितों की रक्षा में लगे अधिकारियों ने यह भी कहा है कि वे नागरिक आतंकवादियों द्वारा उन्हें अपना ‘रक्षा कवच’ बनाए जाने के डर से शहर छोड़ गए।
अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आकड़ों के मुताबिक, उक्त लोगों में से 1,300 अमेरियत अल-फालुजा जिले के अल-इराक शिविर में रह रहे हैं, जहां ऑफिस ऑफ द यूएन हाई कमीशनर फॉर रिफ्यूजी (यूएनएचसीआर) सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है।
बाकी लोग जिले में लगाए गए कई सरकारी शिविरों या अपने परिचितों के यहां रह रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा कि इराकी सुरक्षाबल परिवारों को शहर से बाहर निकालने में मदद कर रहे हैं और जो लोग शहर छोड़ना चाहते हैं, उन्हें सूचना उपलब्ध कराने के लिए एक हॉटलाइन स्थापित की है।
इराक के लिए यूएन मानवीय समन्वयक ने मंगलवार को बताया कि करीब 50,000 लोग इराकी शहर फालुजा में फंसे हुए हैं, जिन्हें आतंकवादी संगठन द्वारा ‘मानवीय ढाल’ बनाए जाने का खतरा है। इस आतंकवादी संगठन को ‘डैश’ नाम से भी जाना जाता है।
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