मनीला, 1 अगस्त (आईएएनएस)। फिलिपींस के राष्ट्रपति रॉड्रिगो डूटेर्टे ने जहां शनिवार को वामपंथियों के खिलाफ घोषित संघर्ष विराम हटा लिया, लेकिन फिलिपींस कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीपी) ने रविवार को कहा कि वे एकपक्षीय संघर्ष विराम घोषित करने के लिए तैयार हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एक वक्तव्य के हवाले से कहा है कि 20 से 27 अगस्त को ओस्लो में सरकार के साथ होने वाली शांति वार्ता को ध्यान में रखकर सीपीपी ने कहा है कि वे संघर्ष विराम की घोषणा करना चाहते हैं।
सीपीपी ने सैनिक संघर्ष के मुद्दे पर शांति वार्ता का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें सरकार से उम्मीद है कि वे शांति सलाहकारों और कैदियों को आजाद करने के वादे को पूरा करेंगे।
वक्तव्य में कहा गया है, “सीपीपी अलग से एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा करना चाहती है, हालांकि वे चाहते हैं कि डुटेर्टे की सरकार भी 20 अगस्त को उनके साथ संघर्ष विराम घोषित करें। संघर्ष विराम की अवधि के बारे में बातचीत के दौरान फैसला किया जाएगा।”
वक्तव्य के अनुसार, “शांति वार्ता के दौरान दोनों पक्ष आपस में विचारों के आदान प्रदान से सहयोग और समन्वय को बढ़ावा देंगे, साथ ही सैनिक संघर्ष, गलतफहमियों, पारस्परिक संवाद के अभाव जैसे मुद्दे पर भी बात होगी।”
सीपीपी ने कहा कि वह सरकार की ओर से 25 जुलाई को घोषित संघर्ष विराम के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन इसे वापस लिए जाने से वे निराश हैं।
सरकार द्वारा संघर्ष विराम हटाए जाने की घोषणा के बाद से एक सैनिक की मृत्यु हुई, जबकि चार अन्य सैनिक घायल हुए हैं।
सीपीपी ने सरकार के इस फैसले को उसका सनकपन करार दिया है और कहा है कि राष्ट्रपति ने उन्हें इसके लिए कुछ घंटों का समय भी नहीं दिया।
सीपीपी के अनुसार जीआरपी ने उन्हें ढंग से चेतावनी भी नहीं दी जबकि इससे ज्यादा छूट तो उन्होंने ड्रग माफियाओं और अपराधियों को दे रखी हैं।
फिलिपींस की सेना के अनुसार वामपंथी विद्रोहियों ने 1960 से लेकर अब तक 30,000 लोगों की हत्या की है और 1980 में अपने चरमकाल के दौरान एनपीए में जहां 26,000 सैनिक थे, वहीं अब इसमें 4000 से भी कम सैनिक रह गए हैं।
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