शंघाई, 21 मार्च (आईएएनएस)। चीन के वास्तु संरक्षणविदों ने शंघाई के ऐतिहासिक स्थलों की 3डी डिजिटल प्रतिकृति बनाने का निर्णय किया है। ये 3डी प्रतिकृतियां फोटो-बेस्ड तकनीक के उपयोग से बनाई जाएंगी।
समाचारपत्र ‘चाइना डेली’ की रिपोर्ट के मुताबिक, किंगपू जिले का लियांगटैंग ओल्ड टाउन ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसका पिछले कुछ सालों में एक बड़ा हिस्सा जर्जर हो गया है।
स्थानीय सरकार इस क्षेत्र को बहाल करने पर ध्यान दे रही है। शंघाई जियाओ टांग यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ डिजिटल प्रारूप में लियांगटैंग शहर का निर्माण करने के लिए पुरानी तस्वीरों और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।
इंटरनेशनल रिसर्च सेंटर फॉर आर्किटेक्चरल हेरीटेज कजर्वेशन के निदेशक काओ योंगकैंग ने बताया, “शहर के मूल क्षेत्र का एक हिस्सा ध्वस्त कर दिया गया है, हमने इन नष्ट इमारतों के मूल स्वरूप को बहाल करने के लिए अपनी फोटो बेस्ड मॉडलिंग तकनीक का उपयोग करने के बारे में सरकार के साथ बात की थी।”
यह तकनीक वर्तमान में अभी अपने प्रारंभिक दौर में है, लेकिन इसका पहली बार साल 2001 में उपयोग हुआ था।
काओ ने बताया, “हमारा तंत्र विरासत संरक्षण को सुधारने में सक्षम है, और हम एक पूरा संग्रह बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।”
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