नेशनल एसेंबली की वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक, आईएस के खिलाफ फ्रांस की ओर से हवाई हमले तेज करने से संबंधित विधेयक के पक्ष में 515 वोट पड़े, जबकि चार ने इसके खिलाफ मतदान किया और 10 सांसद अनुपस्थित रहे।
सीरिया में फ्रांस के सैन्य दखल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मैनुएल वाल्स ने सांसदों से कहा, “यह हमारी जिम्मेदारी है, हम एक खास ड्यूटी से बंधे हैं।”
वाल्स के मुताबिक, फ्रांस की वायु सेना ने अपने रूसी तथा अमेरिकी समकक्षवों के समान ही आईएस के नियंत्रण वाले पेट्रोलियम केंद्रों को नष्ट कर दिया है।
अपने संबोधन में वाल्स ने कहा, “हमारे पास आईएस को समाप्त करने के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं है। 13 नवंबर के हमले (पेरिस हमला) ने पूरी दुनिया और यूरोप को बदल दिया है।”
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2015 को फ्रांस की व्यंग्य पत्रिका ‘शार्ली हेब्दो’ पर आतंकवादी हमले के कई महीनों बाद 13 नवंबर को फ्रांस की राजधानी को एक बार फिर आतंकवादियों ने निशाना बनाया। यहां कई सिलसिलेवार विस्फोट और गोलीबारी की घटनाएं हुई, जिसमें 130 लोगों की मौत हो गई, जबकि 350 से अधिक घायल हो गए।
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