पेरिस, 11 जून (आईएएनएस)। लाल बजरी के बादशाह यानी स्पेन के राफेल नडाल ने एक बार फिर अपनी धाक दिखाते हुए देते हुए रविवार को साल के दूसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल वर्ग का खिताब जीत लिया। नडाल ने रिकार्ड 10वीं बार यह खिताब जीता है।
नडाल ने फाइनल में विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त ब्रिटेन के एंडी मरे को मात देकर आए तीसरी वरीय स्विट्जरलैंड के स्टान वावरिंका को परास्त कर खुद को रोलां गैरों का बादशाह बनाए रखा।
नडाल ने वावरिंका को सीधे सेटों में 6-2, 6-3, 6-1 से मात दी। यह नडाल के करियर का 15वां ग्रैंड स्लैम खिताब है। वहीं वावरिंका अपने चौथा ग्रैंड स्लैम और दूसरा फ्रेंच ओपन खिताब जीतने से चूक गए। उन्होंने आस्ट्रेलिया के पीट सैमप्रास को दूसरे स्थान से हटाया है। सैमप्रास के नाम 14 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं।
सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब नडाल दूसरे स्थान पर अ गए हैं। पहले स्थान पर स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर हैं जिनके नाम 18 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं।
नडाल ने अपना पहला फ्रेंच ओपन खिताब 2005 में जीता था। वहीं इस खिताब से पहले उन्होंने 2014 मे फ्रेंच ओपन पर कब्जा जमाया था। अब दो साल बाद एक बार फिर इस ट्ऱॉफी पर कब्जा जमाया है। वह ओपन इरा में किसी एक ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले टेनिस खिलाड़ी बन गए हैं।
वावरिंका ने 2015 में फ्रेंच ओपन खिताब जीता था। फ्रेंच ओपन में नडाल की बादशाहत का यह आलम है कि 2005 के बाद से सिर्फ 2016 में नोवाक जोकोविक, 2009 में रोजर फेडरर और 2015 में वावरिंका ही पेरिस में एकल खिताब जीत सके हैं।
फ्रेंच ओपन की वेबसाइट ने नडाल के हवाले से लिखा है, “यह वो एहसास जो बता पाना बेहद मुश्किल है। मैं जो इस कोर्ट पर महसूस करता हूं उसकी तुलना किसी और से नहीं की जा सकती। यह मेरे जीवन का अहम टूर्नामेंट है, इसे एक और बार हासिल करने को बयां नहीं कर सकता।”
पिछसे कुछ वर्षो से खराब फॉर्म और फिटनेस की समस्या से जूझने वाले नडाल के लिए यह साल अच्छा रहा है। उन्होंने साल की शुरुआत में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए साल के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट आस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाई, हालांकि वह फाइनल में फेडरर से मात खा गए थे।
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