बजट पूर्व उम्मीदों से एफपीआई की वापसी की संभावना (साप्ताहिक समीक्षा)

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)।देश के आगामी आम बजट से जुड़ी भारी उम्मीदों की वजह से 20 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) शुद्ध खरीदार बने रहे।

नेशनल सिक्युरिटीज डिपॉजिटरी (एनएसडीएल) के मुताबिक, 20 फरवरी को समाप्त सप्ताह में एफपीआई ने 4,334.55 करोड़ रुपये यानी 69.76 करोड़ डॉलर के शेयर खरीदे।

13 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान एफपीआई शुद्ध विक्रेता बने रहे थे। उन्होंने बड़े स्तर पर 2,186.68 करोड़ रुपये यानी 38.735 करोड़ डॉलर के शेयर बेचे हैं।

छह फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान एफपीआई ने 4,701.86 करोड़ रुपये यानी 76.153 करोड़ डॉलर के शेयर बेचे हैं।

बाजार नियामक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने उप-खातों और योग्य विदेशी निवेशकों के साथ विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को मिला कर एफपीआई नाम से एक नई निवेशक श्रेणी तैयार की है।

वित्तीय संस्था जियोजिट बीएनपी पारिबास के उपाध्यक्ष गौरांग शाह के मुताबिक, “एफआईआई की ओर किया जा रहा निवेश सकारात्मक है और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की ओर से भी थोड़ा बहुत निवेश हो रहा है।”

विश्लेषकों के मुताबिक, सकारात्मक थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़े, कोयला ब्लॉकों की उत्साहजनक नीलामी और बीएचईएल, टीसीएस, एचडीएफसी, सेसा स्टरलाइट, महिंद्रा एंड महिंद्रा और आईटीसी जैसी बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों की वजह से एफपीआई ने बाजार में वापसी की है।

शाह के मुताबिक, घरेलू मोर्चे पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और थोक मूल्य सूचकांक (डब्लूपीआई) के आंकड़े बाजार के लिए सहायक रहे। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के अनुमान से कमजोर आंकड़ों की वजह से ये चिंताजनक रहे।

भारत सरकार के बजट में राजकोषीय स्थिति स्पष्ट होने की वजह से मार्च 2015 में आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ी हैं।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों वाले सूचकांक की सकारात्मक साप्ताहिक वृद्धि की वजह एफपीआई की ओर आ रहा निवेश ही था।

20 फरवरी को समाप्त सप्ताह में सेंसेक्स 136.48 अंकों यानी 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 29,231.41 रुपये पर बंद हुआ।

बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.89 प्रतिशत की बढ़त और स्मॉलकैप सूचकांक में 1.66 प्रतिशत की मजबूती रही।

एफपीआई ग्रीस संकट के समाधान पर भी चिंतित दिखे।

शाह के मुताबिक, “ग्रीस राहत योजना के कारण यूरो क्षेत्र एक बार फिर वैश्विक बाजारों के केंद्र में है। हालांकि वैश्विक साझेदारों के एक बड़े वर्ग को उम्मीद है कि ग्रीस संकट का कोई समाधान हो जाएगा।”

भारतीय बाजारों में एफपीआई की रुचि के अगले प्रमुख उत्प्रेरक रेल और आम बजट होंगे।

23 फरवरी को संसद का बजट सत्र शुरू होगा। रेल बजट 26 फरवरी को पेश होगा, जिसके बाद 27 फरवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश होगा और 28 फरवरी को आम बजट संसद में पेश किया जाएगा।

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