बर्लिन, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)। जर्मनी में ‘संदिग्ध आतंकवादी हमले’ की जांच कर रही पुलिस ने मंगलवार को कहा कि हमले के बाद गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी संदिग्ध की हमले में कोई संलिप्तता नहीं है। इस हमले में हमलावर ने ट्रक से कुचलकर 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है।
द गार्जियन की एक रिपोर्ट केमुताबिक, ब्रेतशिप्लात्ज में सोमवार रात को हमले के तुरंत बाद बर्लिन पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह पाकिस्तान से है और फरवरी में ही जर्मनी आया था।
लेकिन, समाचार पत्र डाई वेल्ट के मुताबिक, एक उच्च रैंक के सुरक्षा सूत्र ने कहा है कि जर्मनी की राजधानी में ट्रक हमले के बाद गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी संदिग्ध का अपराध से कोई संबंध नहीं पाया गया है। वास्तविक अपराधी हथियारों से लैस है और अभी भी कानून की पहुंच से बाहर है।
बर्लिन के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने गलत आदमी को पकड़ा है।”
उन्होंने कहा, “और, इस तरह नए हालात बन गए हैं। वास्तविक अपराधी अभी भी फरार है, हथियारों से लैस है तथा और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।”
पुलिस का कहना है कि इस संदिग्ध नावेद बी (23) का नाम टेमेल्हफ हवाईअड्डे के शरणार्थी केंद्र में दर्ज था और उसके कई पहचान पत्र थे। पुलिस उसे छोटे-मोटे अपराधों के मामले में जानती थी, लेकिन उसका आतंकवादियों से संपर्क नहीं था।
बर्लिन पुलिस ने कहा, “संदिग्ध आतंकवादी हमले के संदर्भ में पुलिस सभी कदम उठा रही है।”
सोमवार देर रात खरीदारों तथा विक्रेताओं से भरे बर्लिन के क्रिसमस बाजार में एक ट्रक हमले में कम से कम 12 लोगों को कुचलकर मार डाला गया।
इस हमले में 48 लोग घायल हुए हैं जिसमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। यह ट्रक लगभग 65 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था।
यह हमला अंकारा में रूस के राजदूत की हत्या के कुछ घंटों बाद हुआ है। हमलावर ने कहा कि वह अलेप्पो में रूस की कार्रवाई के विरोध में हत्या कर रहा है।
इसके बाद खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी जारी की कि आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट यूरोप में क्रिसमस बाजारों को निशाना बना सकता है।
बर्लिन में प्रत्यक्षदर्शियों ने इस दृश्य को भयावह करार दिया।
नीस के महापौर क्रिस्टिन एस्ट्रोसी ने ट्वीट कर कहा, “बर्लिन में आतंक। जर्मनी के लोगों को पूरा सहयोग देंगे।”
जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने कहा, “हमें मानना चाहिए कि यह एक आतंकवादी हमला है। पीड़ितों के प्रति सहानुभूति जताती हूं। शब्दों में बयान ना की जा सकने वाली इस वारदात के हमलावर को कड़ी सजा दी जाएगी।”
इस हमले ने फ्रांस के नीस में जुलाई महीने में हुए हमले की याद ताजा कर दी, जिसमें 86 लोगों को इस्लामिक स्टेट (आईएस) के एक समर्थक ने ट्रक से कुचलकर मार डाला था।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह आतंकवादी हमले जैसा ही लग रहा है।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात को इस घटना की निंदा करते हुए इसे भयावह आतंकवादी हमला बताया और कहा कि आईएस लगातार ईसाइयों को निशाना बना रहा है। सभ्य दुनिया को अपने सोचने का तरीका बदलना पड़ेगा।
अमेरिका के विदेश विभाग ने नवंबर में यूरोप में संभावित आतंकवादी हमले को लेकर चेतावनी जारी की थी।
एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि उसने टूटे हुए स्टॉल, शीशे, क्रॉकरी और मेजें देखीं। घायल लोग जमीन पर पड़े थे।
पत्रकार ने बताया, “ट्रक के नीचे लोग पड़े थे और वह दृश्य काफी भयावह था।”
एमा रस्टन ने सीएनएन को बताया कि ट्रक की रफ्तार धीमी नहीं हुई और यह लगभग 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से क्षेत्र में दौड़ता रहा।
dharmpath.com dharmpath