ढाका, 16 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश के सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को 1971 के युद्ध अपराधों के लिए जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के नेता अली अहसान मुहम्मद मुजाहिद की मौत की सजा बरकरार रखी है। इस फैसले से आक्रोशित पार्टी ने बुधवार को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है।
न्यायमूर्ति सुरेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय की चार सदस्यीय पीठ ने अल-बदर के पूर्व कमांडर की मौत की सजा को बरकरार रखा। इसे स्वतंत्रता के लिए बांग्लादेश के संघर्ष को कुचलने के लिए पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था।
वेबसाइट ‘बीडीन्यूज24 डॉट कॉम’ के मुताबिक, पार्टी के कार्यवाहक प्रमुख मकबूल अहमद ने बुधवार सुबह छह बजे से गुरुवार सुबह छह बजे तक देशव्यापी बंद का आह्वान किया।
पार्टी की वेबसाइट पर मंगलवार को जारी बयान में कहा गया है कि युद्ध अपराधों की चल रही सुनवाई सिर्फ एक तमाशा है और यह जमात को खत्म करने के सरकार के कदम का हिस्सा है।
युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने 17 जुलाई, 2013 को मुजाहिद को बुद्धिजीवियों के नरसंहार और हिंदुओं के उत्पीड़न और हत्या में उनकी भागीदारी के लिए मौत की सजा सुनाई थी।
जमात के महासचिव ने इस फैसले के खिलाफ अपील की थी और न्यायमूर्ति सुरेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को मुजाहिद की मौत की सजा बरकरार रखी है।
dharmpath.com dharmpath