ढाका, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। बांग्लादेश में युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के दो नेताओं को किशोरगंज की जिला एवं सत्र अदालत के न्यायाधीश ने आतंकवाद रोधी मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
‘बीडीन्यूज 24’ की वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, किशोरगंज के लक्ष्मीपुर से दोनों लोगों को 17 जुलाई, 2012 को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास के कई हथियार भी बरामद हुए थे।
चौधरी उर्फ मेजर रंजन तथा प्रदी मराक बांग्लादेश में साल 1997 से ही रह रहे थे। वे पूर्वोत्तर भारत के अलगाववादियों से संपर्क में थे। गिरफ्तारी के बाद उनके पास से एक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, चार चक्र कारतूस तथा चार ग्रेनेड जब्त किए गए थे। दोनों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, अवैध आव्रजन तथा आतंकवाद रोधी अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज किए गए थे।
चौधरी को शस्त्र अधिनियम तथा आतंकवाद रोधी अधिनियम के मामलों में दोषी पाया गया। वहीं, मराक शस्त्र अधिनियम के मामले में विमुक्त हो गया, जबकि तीन अन्य मामले में दोषी पाया गया।
उल्लेखनीय है कि उल्फा के सह संस्थापक अरविंद राजखोवा को भी ढाका के निकट 30 नवंबर, 2009 को गिरफ्तार किया गया था और भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया था। लेकिन एक जनवरी, 2001 को जमानत मिलने के बाद वह गुवाहाटी सेंट्रल जेल से रिहा हो गए थे।
उल्फा के महासचिव अनूप चेटिया को भी ढाका में 21 दिसंबर, 1997 को गिरफ्तार किया गया था। बांग्लादेश की अदालत ने उसे सात वर्षो की जेल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से वह काशिमपुर जेल में बंद है।
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