बांग्लादेश : युद्ध अपराध के दोषी की याचिका पर सुनवाई अप्रैल में

ढाका, 9 मार्च (आईएएनएस)। बांग्लादेश के जमात-ए-इस्लामी (जेआई) नेता और युद्ध अपराधों के दोषी मोहम्मद कमरुज्जमां द्वारा मौत की सजा पर दायर की गई पुनर्विचार याचिका पर एक अप्रैल से सुनवाई शुरू होगी।

बीडीन्यूज24 की रपट के मुताबिक, याचिका की सुनवाई की तारीख पर सोमवार को चार सदस्यों वाली पीठ ने फैसला लिया। इस पीठ की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश एस.के. सिन्हा कर रहे थे। कमरुज्जमां के वकील ने पांच मार्च को पुनर्विचार याचिका दायर की थी।

कमरुज्जमां 1971 में मयमनसिंह शहर के इस्लामी छात्र संघ के कार्यकारी अध्यक्ष थे। देश के मुक्ति युद्ध के दौरान वह इस क्षेत्र में अल बदर के मुख्य संगठक थे।

मई 2013 में अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी)-2 ने अभियोजन पक्ष द्वारा उन पर लगाए गए सात आरोपों में से पांच में उन्हें दोषी पाया था, और मौत की सजा सुनाई थी।

न्यायालय ने माना था कि नागरिक सेना अल बदर का गठन बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई को विफल बनाने में पाकिस्तानी सेना की सहायता करने के लिए किया गया था।

कमरुज्जमां को दो आरोपों में दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई गई थी। पहला आरोप था, पत्रकार गुलाम मुस्तफा और 120 अन्य पुरुषों की हत्या का, वहीं दूसरा मामला 25 जुलाई 1971 को शेरपुर के नालिताबाड़ स्थित सुहागपुर गांव में महिलाओं के दुष्कर्म का था।

नबंवर 2014 में उसकी मौत की सजा को बरकरार रखा गया था। लेकिन अदालत ने गुलाम मुस्तफा की हत्या के मामले में सुनाई गई मौत की सजा को कम कर उम्रकैद में बदल दिया था।

आईसीटी-2 के तीन न्यायाधीशों ने 19 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय का पूरा फैसला जारी होने के बाद उसके मौत के वारंट पर हस्ताक्षर किए थे।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493