ढाका, 13 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश की एक अदालत ने सोमवार को 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए पांच दोषियों को मौत की सजा सुनाई।
बीडीन्यूज 24 के अनुसार, न्यायमूर्ति शाहिनुर इस्लाम के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के तीन न्यायाधीशों के पैनल ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया।
युद्ध के दौरान पटुखली के इटाबरिया गांव में 17 लोगों की हत्या करने, बर्बरता, आगजनी, अपहरण और यातना के लिए पांचों दोषियों को सजा सुनाई गई।
उन्हें उसी गांव से कम से कम 15 महिलाओं के साथ दुष्कर्म करने के लिए भी मौत की सजा सुनाई गई।
अदालत ने कहा कि दोषियों ने दुष्कर्म को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और पीड़ितों पर हमेशा उसका असर बना रहेगा।
न्यायाधिकरण ने फैसले में कहा, “ये महिलाएं सच्ची नायिकाएं हैं। अब उन्हें पहचानने का समय है।”
हालांकि, दोषी फैसले के एक महीने के भीतर सर्वोच्च न्यायालय में फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सभी अभियुक्त 1971 से पहले पारंपरिक मुस्लिम लीग के समर्थक थे लेकिन 2015 में उनकी गिरफ्तारी के समय वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के स्थानीय विंग से जुड़े थे।
न्यायालय ने उन्हें 8 मार्च, 2017 को दोषी ठहराया था।
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