जकार्ता, 3 दिसम्बर (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के बाली द्वीप में स्थित माउंट अगुंग ज्वालामुखी से पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से निकल रही राख और धुएं की मात्रा में कमी आई है और विशेषज्ञों ने रविवार को हवाई परिवहन से संबंधित संभावित घटनाओं को नकार दिया है।
समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, हालांकि द्वीप को ज्वालामुखी से संभावित बड़े विस्फोट के लिए सतर्क रखा गया है।
डार्विन ज्वालामुखी राख सलाहकार केंद्र (ऑस्ट्रेलिया) ने कहा कि राख के बादल कम हो गए है और वर्जिन ऑस्ट्रेलिया जैसी हवाई कंपनियों ने बाली से अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने अब तक अपनी उड़ानों को बद कर रखा था।
ज्वालामुखी और अन्य आपदाओं के लिए जानकारी प्रदान करने वाला राष्ट्रीय मंच एमएजीएमए ने कहा कि ‘ज्वालामुखी बाहर से शांत है लेकिन बहुत अंदर बहुत कुछ चल रहा है।’
रेंडांग स्थित ज्वालामुखी पर्यवेक्षण केंद्र ने बताया कि अगुंग में लगातार हल्के झटके लग रहे है जों लगातार लावे को निकाल रहा है।
ज्वालामुखी विज्ञान और भूवैज्ञानिक खतरे से बचाव के लिए स्थापित केंद्र ने ज्वालामुखी के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे को सतर्कता के उच्चतम स्तर पर रखा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आपातकालीन आश्रयों में पंजीकृत लोगों की संख्या बढ़कर 59,000 हो गई है। अधिकारियों ने गणना की है कि 90,000 से 100,000 लोग अभी भी सुरक्षा दायरे के अंदर रह रहे हैं।
हजारों लोगों ने आर्थिक या धार्मिक कारणों से खतरे के क्षेत्र से बाहर जाने से मना कर दिया है।
नगुरह राय अतंर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को धुएं के बादल के कारण 27 से 29 नवंबर तक बंद रखा गया था जिससे 100,000 से अधिक यात्री प्रभावित हुए।
द्वीप के पूर्व में स्थित करांगेसेम जिले में माउंट अगुंग बहुत से पर्यटन स्थलों दूर है।
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