पटना, 15 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध लगाए जाने के सातवें दिन बिहार में मंगलवार को औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में बैंक से नए नोट लेने आए एक व्यक्ति की मौत हो गई।
नोट बदलने के लिए बैंकों में भारी भीड़ लगी। एटीएम में 100 के नोट पर्याप्त न होने के कारण लोग परेशान हैं। राहत की बात है कि शहरी क्षेत्रों में अफरातफरी की स्थिति अब नहीं है।
पुलिस के अुसासर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की दाउदनगर में पैसे निकालने पहुंचे 65 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा की मौत हो गई। दाउदनगर के थाना प्रभारी रवि प्रकाश सिंह ने मंगलवार को बताया कि अरई गांव निवासी सुरेंद्र ने रकम निकालने के लिए निकासी फॉर्म भरा और पंक्ति में लग गए। इस दौरान यहां भारी भीड़ थी और धक्का-मुक्की भी हो रही थी। कुछ समय बाद ही उन्हें चक्कर आया और वह गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई।
उन्होंने परिजनों के हवाले से बताया कि सुरेंद्र दिल के मरीज थे। चिकित्सकों ने भी आशंका जताई कि सुरेंद्र की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने बैंकों में बुजुर्गो और दिव्यांगों के लिए अलग काउंटर लगाने का निर्देश दिया है, लेकिन कई जगहों पर ऐसी व्यवस्था नहीं की गई है।
इधर, पटना सहित राज्य के शहरी इलाकों में बैंकों में नोट बदलने केा लेकर लोगों की भीड़ लगी है। इस बीच अधिकांश एटीएम में पैसे को लेकर लोग पंक्ति में नजर आ रहे हैं। कई एटीएम अभी भी बंद पड़े हैं तो कई एटीएम में पैसा नहीं है।
उधर, दरभंगा के लहेरियासराय प्रधान डाकघर पर भी भीड़ अनियंत्रित हो गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। प्रधान डाकघर में पुराने नोट बदलने को लेकर भारी भीड़ थी। इसी दौरान कुछ लोग कतार तोड़कर आगे जाना चाह रहे थे। इसका अन्य लोगों ने विरोध किया। इस बात पर तू-तू मैं-मैं होने लगी और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई, जिससे भगदड़ का माहौल बन गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्क बल प्रयोग करना पड़ा।
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