बिहार में वाम एकता राजनीति में एक नई शुरुआत : येचुरी

yechuriपटना, 9 सितम्बर (आईएएनएस)| मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि बिहार में वामपंथी दलों की एकता देश की राजनीति में एक नई शुरुआत है।

येचुरी ने कहा कि वाम मोर्चा केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ धर्मनिरपेक्ष दलों से सहयोग के लिए तैयार है लेकिन बिहार के चुनाव में वह अपने दम पर हिस्सा लेगा।

माकपा के जमाल रोड स्थित राज्य मुख्यालय में आईएएनएस से खास मुलाकत में येचुरी ने कहा, “किसी भी अन्य बात से अधिक, बिहार में वामपंथी शक्तियों की एकता एक नई शुरुआत है। हमारी पूरी कोशिश राज्य विधानसभा में वाम दलों के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर लोगों को वैकल्पिक राजनीति मुहैया कराना है।”

बिहार चुनाव में छह वामपंथी दलों ने पहली बार हाथ मिलाया है। राज्यसभा सांसद येचुरी इन्हीं दलों के सम्मेलन में हिस्सा लेने यहां आए हैं।

येचुरी ने कहा कि बिहार या देश में कहीं भी संसाधनों की कमी नहीं है। उन्होंने कहा, “लोग इसलिए समस्याओं से जूझ रहे हैं क्योंकि सरकारी योजनाएं सही तरीके से लागू नहीं हो रही हैं। संसाधनों की कमी नहीं है। समस्या नीतियों पर अमल को लेकर है। सही अमल न होने की वजह से लोगों तक इनका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। सवाल यह है कि कौन है जो इन नीतियों को सही तरीके से लागू करवा सकता है। हमें लोगों के पास जाना होगा और उन्हें विश्वास दिलाना होगा कि केवल वामपंथी दल ये काम कर सकते हैं।”

येचुरी ने कहा कि वामपंथी दल आम जनता तक जनपक्षधर नीति और राजनीति का विकल्प रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हम चुनाव अभियान में लोगों को इस बारे में बताएंगे। यह वाम राजनीति में फिर से जान फूंकने की हमारी रणनीति का हिस्सा है।”

येचुरी ने कहा, “भूमि सुधार के मुद्दे पर बिहार में अभी तक कुछ नहीं किया गया है। यह हमारे लिए बड़ा मुद्दा है।”

उन्होंने कहा कि चुनाव में जमीन मुद्दे को उठाएंगे। इस मामले में बने डी.बंदोपाध्याय आयोग की रपट धूल फांक रही है। रपट सामने आने के बाद ताकतवर लॉबी फसल पैदा करने वालों के हितों के खिलाफ सक्रिय हो गई।

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पड़ी भूमि का वितरण और हदबंदी से अधिक गैर कानूनी तरीके से ली गई भूमि को लेने पर हमारा जोर रहेगा।

उन्होंने कहा कि अगर युवाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार दे दिया जाए तो वे नए भारत का निर्माण कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जरूरत राजनैतिक इच्छाशक्ति की है और यह वाम मोर्चे के पास है।

माकपा महासचिव ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद महंगाई, गैर बराबरी बढ़ी है। मोदी सरकार के खिलाफ वाम मोर्चा मुलायम सिंह यादव समेत सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से सहयोग के लिए तैयार है।

लेकिन, उन्होंने कहा कि बिहार में वाम मोर्चा किसी से समझौता नहीं करेगा। वाम दल चुनाव में ‘तीसरी शक्ति’ के रूप में खुद को पेश करेंगे।

येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार के बारे में मुलायम का रुख सवाल खड़े करता है। पता नहीं चलता कि वह क्या करेंगे। पता नहीं उन पर कोई दबाव है या उनके सामने कुछ पेशकश की गई है।

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493