पटना, 15 जून (आईएएनएस)। बिहार की एक अदालत ने बुधवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। सिंह 12वीं बोर्ड के टॉपर घोटाले में नाम आने के बाद से ही फरार हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पटना की एक अदालत ने सिंह की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया। वह घोटाले के प्रमुख अभियुक्त हैं और पिछले हफ्ते बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद से ही भूमिगत हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “12वीं के टॉपर घोटाले में नाम आने के बाद से ही सिंह फरार हैं। अब विशेष जांच दल (एसआईटी) उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बिहार के बाहर अपनी टीम भेजेगा।”
इस बीच पुलिस ने बुधवार को सिंह के निजी सचिव सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले की जांच कर रहे एसआईटी ने इससे पहले सिंह की गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट जारी करने की मांग की थी।
सिंह की पत्नी और जनता दल (युनाइटेड) की पूर्व विधायक उषा सिंह भी जब से 12वीं टॉपर घोटाला में नाम आया है लापता हैं।
बिहार के 12वीं बोर्ड टॉपर घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता अमित कुमार उर्फ बच्चा राय ने पुलिस के समक्ष शनिवार को समर्पण किया था, और उसे तभी गिरफ्तार कर लिया गया था।
12वीं कक्षा की कला एवं विज्ञान के परीक्षा परिणाम की गड़बड़ियों की जांच कर रहे एसआईटी के लिए सिंह और राय दोनों वांछित हैं।
खबरों के मुताबिक, एसआईटी को वैसे सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि इस गिरोह में सिंह की भूमिका है। सबूतों से यह भी संकेत मिलता है कि इस घोटाले में परीक्षा समिति की संलिप्तता है।
पिछले हफ्ते इस मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। उन्हें पटना की स्थानीय अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
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