बेंगलुरू, 7 अगस्त (आईएएनएस)। बीबीएमपी (ब्रुहत बेंगलुरू महानगर पालिके) द्वारा दूरसंचार और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) को काटने का निर्णय और अभियान शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में नागरिकों के लिए भारी असुविधा का कारण बन रही है।
बीबीएमपी सभी ओवर-द-ग्राउंड केबल्स को अवैध मानती है, क्योंकि उद्योग ने उन्हें भूमिगत लाने की अनुमति ली थी। जबकि सेवा प्रदाताओं का कहना है कि उन्होंने वैध मंजूरी के बाद ही इन केबल्स को लगाया है, क्योंकि बीबीएमपी, बीईएसकॉम, बीडब्ल्यूएसएसबी द्वारा विभिन्न सिविल कार्यो के दौरान भूमिगत लाइनों को अनजाने में ही काट दिया जाता है, जिससे सेवाएं बाधित होती हैं।
विभिन्न दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि वर्तमान में, बेंगलुरू में कोई व्यापक नीति नहीं है जो दूरसंचार बुनियादी ढांचे के सुचारु प्रावधान को सुनिश्चित कर सकती है। इसलिए, कर्नाटक सरकार को एक व्यापक राज्य टॉवर नीति तैयार करनी चाहिए, जो पूरे भारत में दूरसंचार बुनियादी ढांचे की सुचारु तैनाती की सुविधा के लिए भारत सरकार द्वारा 2016 के नवंबर में जारी किए गए राइट ऑफ वे नियमों के अनुरूप हों।
सेलुलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन एस. मैथ्यूज का कहना है, “इस तरह की फाइबर काटने की गतिविधियां भारत के सिलिकॉन वैली में कारोबार, नागरिकों और सरकारी सेवाओं को बहुत नुकसान पहुंचाएंगी। उपभोक्ताओं के हित में, उद्योग और संबंधित अधिकारियों को मिलकर एक पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर विचार-विमर्श करना चाहिए।”
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