सिडनी, 11 अगस्त (आईएएनएस)। भूमध्य देशों का आहार आपकी संज्ञानात्मक कार्यविधि को सुधारने के साथ ही अल्जाइमर घटाने और हृदय संबंधी समस्याओं में भी सुधार लाने में कारगर है। एक नए अध्ययन में यह खुलासा हुआ है।
भूमध्य आहार (मेडडाइट) में पत्तेदार साग, ताजे फल और सब्जियां, सेम, बीज, आनाज, नट और फलियां जैसे मुख्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
मेडडाइट में दूध कम मात्रा में है। रेड मीट का कम से कम इस्तेमाल है और जैतून का तेल वसा के प्रमुख स्रोत के तौर पर इस्तेमाल होता है।
यह अध्ययन पत्रिका ‘फ्रंटियर्स न्यूट्रीशन’ में प्रकाशित हुआ है, जिसमें शोधकर्ताओं ने जांच में पाया कि मेडडाइट कैसे हमारी संज्ञानात्मक प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
स्वाइनबुर्ने विश्वविद्यालय में शोधकर्ता हर्डमान राय ने कहा, “सबसे आश्चर्यजनक परिणाम यह है कि संसार के सभी देशों में इसके सकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं।”
अध्ययन में पता चला कि मेडडाइट के सकारात्मक प्रभाव से ध्यान, भाषा और विशेषकर याददाश्त, जिसमें पहचान में देरी जैसी समस्या से निपटने में मददगार साबित हुई।
मेडडाइट से गुस्सैल प्रतिक्रियाओं में सुधार, सूक्ष्म पोषक तत्वों में वृद्धि, विटामिन और खनिज तत्वों के असंतुलन में सुधार और आहार के मुख्य वसा के स्रोत के तौर पर जैतून के तेल के इस्तेमाल से लिपिड के प्रोफाइल में बदलाव और जोखिम कारकों में बदलाव का अवसर मिलता हैं।
इसके साथ मेडडाइट से वजन को एक समान बनाए रखने, मोटापा घटाने की क्षमता और रक्त में पॉलीफिनाइल की मात्रा में सुधार करने के साथ ही कोशिकीय उपापचय ऊर्जा में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
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