संयुक्त राष्ट्र, 31 मार्च (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने सुरक्षा परिषद को नाइजीरिया और उसके आसपास के इलाकों में बोको हराम के प्रभाव के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आतंकवादी समूह की हिंसा और क्रूरता तेज हो गई है।
पश्चिमी अफ्रीका के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के प्रमुख और महासचिव के विशेष प्रतिनिधि मोहम्मद इब्न चंबास ने सोमवार को कहा, “यद्यपि समूह कमजोर हुआ है लेकिन वह महिलाओं और बच्चों समेत वहां के नागरिकों के खिलाफ भयानक हिंसा कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “बोको हराम ने चाहे प्रचार कारणों से आईएस (इस्लाकि स्टेट) में निष्ठा दिखाने की बात कही हो या आईएस के जाल में फंसकर, लेकिन इससे चिंता और बढ़ गई है क्योंकि बोको हराम के ऐलान से एक बात साफ है कि वह अपने मंसूबों को नाइजीरिया के बाहर भी ले जाएगा।”
चंबास के साथ इस परिषद में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में मानवीय मामलों के समन्वयक सहायक महासचिव क्यूंग व-कांग भी थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में अपहरण, संगठन में भर्ती, बच्चों की हत्या और विकलांग बनाने की घटनाओं का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि देश के उत्तर-पूर्व के कैमरून और नाइजर इलाकों में स्थित स्कूलों को बोको हराम निशाना बना रहा है। शिक्षा के लिए अब वे सुरक्षित स्थान नहीं रहे हैं। इनमें से कई स्कूलों पर हमला कर दिया गया, कइयों को लूट लिया गया और विध्वंस कर दिया गया।
उन्होंने कहा, “2014 में आतंकवादी समूह ने नौजवान लड़कियों को भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में हमला करने के लिए आत्मघाती हमलावर के रूप में प्रयोग करना शुरू कर दिया था। हमने समूह द्वारा बच्चों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किए जाने की खतरनाक प्रवृत्ति को भी देखा है।”
कांग ने बोको हराम के हमलों के कारण उत्पन्न हुई मानवीय जरूरतों की आवश्यकता बताते हुए कहा कि 2014 की शुरुआत से लेकर अब तक बोको हराम 7,300 से अधिक लोगों को मार चुका है।
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