ब्रासीलिया, 12 मई (आईएएनएस)। ब्राजील की संसद के उच्च सदन सीनेट ने गुरुवार को राष्ट्रपति डिल्मा रौसेफ के खिलाफ महाभियोग चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद उन्हें मुकदमे की सुनवाई के लिए पद से हटना होगा।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राजील के ऊपरी सदन के 81 में से 55 सदस्यों ने महाभियोग के पक्ष में मतदान किया, जबकि 22 ने इसके विरोध में मतदान किया।
रौसेफ पर 2014 के चुनाव से पहले देश के बढ़ रहे घाटे को छिपाने के लिए धन के दुरुपयोग का आरोप है। हालांकि वह इससे इनकार करती रही हैं।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रौसेफ के राष्ट्रपति पद से हटने की स्थिति में उपराष्ट्रपति मिशेल टेमर राष्ट्रपति पद संभालेंगे। महाभियोग पर सुनवाई 180 दिनों तक चल सकती है।
रौसेफ ने महाभियोग की सुनवाई टालने के लिए बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर अपना आखिरी प्रयास किया लेकिन उनकी याचिका रद्द कर दी गई।
सीनेटरों को अपनी बात रखने के लिए 15 मिनट दिए गए थे। कुल 81 सदस्यों में से 71 ने अपनी बात रखी।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति फर्नाडो कॉलर डी मेलो ने कहा कि देश का राजनीतिक रूप से पतन हो गया है।
मेलो पर भी 1992 में महाभियोग चलाया गया था।
रौसेफ देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति हैं। उन्होंने जनवरी 2011 में पद की शपथ ली थी और उसके बाद 2015 में वह दोबारा सत्ता में वापसी करने में कामयाब रही थीं।
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