लंदन, 25 अगस्त (आईएएनएस)। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (ईयू) छोड़ने संबंधी जनमत संग्रह के बाद ब्रिटेन के पास ‘टूटे’ आव्रजन प्रणाली को दुरुस्त करने और नियंत्रित प्रवासन के भरोसे की बहाली का एक मौका है।
बीबीसी की गुरुवार की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेक्षण एजेंसी ब्रिटिश फ्यूचर ने कहा कि 24 जून को हुए जनमत संग्रह का परिणाम वर्तमान नीतियों के प्रति अविश्वास को दर्शाता है।
इसमें कहा गया है कि जनता की कम कुशल प्रवास पर प्रतिबंध की उम्मीद जरूर पूरी होनी चाहिए।
ब्रिटिश फ्यूचर की सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब आधे से ज्यादा ब्रिटेनवासियों को यह भरोसा नहीं है कि सरकार अपने कुल प्रवास लक्ष्य तक पहुंच पाएगी।
मंत्रियों ने कुल प्रवासन को साल 2020 तक 100,000 से कम करने का वादा किया है।
बीबीसी के अनुसार, ब्रिटिश फ्यूचर की रिपोर्ट गुरुवार को नवीनतम कुल प्रवासन आकड़ों के साथ जारी होने से पहले प्रकाशित की गई।
कुल प्रवासन यानी ब्रिटेन में बसने वाले और परदेस जाने वाले लोगों की अनुमानित संख्या का अंतर साल 2015 में 333,000 हो गया। यह दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह पिछले पांच तिमाही में 300,000 से ऊपर रहा है।
ब्रिटिश फ्यूचर द्वारा 2,400 लोगों पर किए गए सर्वेक्षण में 44 फीसद मतदान करने वाले लोगों ने कहा कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद भी इस लक्ष्य को अगले पांच साल में हासिल करना संभव नहीं है।
लेकिन अब भी 37 फीसद लोगों का मानना है कि इस लक्ष्य के पूरा होने की संभावना है।
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