लंदन, 6 अगस्त (आईएएनएस)। ब्रिटिश विदेश मंत्री बोरिस जॉन्सन ने कार्यभार संभालने से पहले नीतिगत बदलावों के तहत ब्रिटिश दूतावासों और दुनियाभर के उच्चायोगों पर समलैंगिक गौरव के प्रतीक इंद्रधनुषी ध्वज फहराने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है।
‘पिंक न्यूज’ के मुताबिक, पूर्व विदेश सचिव फिलिप हमोंद को पिछले साल ब्रिटिश दूतावासों को युनियन जैक के अतिरिक्त कोई भी ध्वज फहराने से रोकने वाली नीति का पालन करने का आदेश देने के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। नीति के तहत दूतावासों पर समलैंगिक गौरव का प्रतीक इंद्रधनुषी ध्वज फहराने पर रोक लगा दी गई थी।
पिंक न्यूज के मुताबिक, एफसीओ के प्रवक्ता ने कहा, “विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के भवनों पर इंटरनेशनल डे एगेन्स्ट होमोफोबिया, बाफोबिया और ट्रांसफोबिया (आईडीएएचओबीआईटी) जैसे अंतर्राष्ट्रीय दिवसों और स्थानीय गौरव उत्सवों जैसे स्थानीय प्रासंगिक मौकों पर इंद्रधनुषी ध्वज फहराया जा सकता है।”
यह निर्णय राजदूतों के अधीन होगा कि वे ऐसे खास मौकों पर इंद्रधनुषी ध्वज फहराना चाहते हैं या नहीं।
लेबर पार्टी की एंजेला ईगल और कंजर्वेटिव पार्टी के निगेल इवान्स सहित कई सांसदों ने इस नीति में बदलाव की मांग की थी।
इवान्स ने कहा था, “इससे यह महत्वपूर्ण संदेश मिलेगा कि हम उन लोगों के साथ खड़े हैं, जो उत्पीड़न के शिकार हैं और कुछ मामलों में, निश्चित तौर पर उनके साथ भी जिन्हें समलैंगिक के रूप में पैदा होने के कारण मौत का डर है।”
ईगल ने कहा था, “हमें देश-विदेश में पूर्वाग्रह और भेदभाव को जड़ से उखाड़ने के लिए अपने प्रयासों को फिर से दोगुना करना पड़ेगा। दुनिया भर के दूतावासों में समलैंगिक ध्वज फहराने पर प्रतिबंध के विदेश सचिव के फैसले से बिल्कुल गलत संदेश जाएगा।”
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