लंदन, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। गुआंतनामो खाड़ी के अमेरिकी सैन्य अड्डे से रिहा हुए आखिरी ब्रिटिश नागरिक ने कहा है कि अपनी कैद के खिलाफ वह ब्रिटेन सरकार पर मुकदमा नहीं दायर करेगा।
लंदन, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। गुआंतनामो खाड़ी के अमेरिकी सैन्य अड्डे से रिहा हुए आखिरी ब्रिटिश नागरिक ने कहा है कि अपनी कैद के खिलाफ वह ब्रिटेन सरकार पर मुकदमा नहीं दायर करेगा।
बीबीसी को दिए अपने पहले प्रसारित साक्षात्कार में शाकेर आमेर (48) ने गुआंतनामो में अमेरिका की कैद और अफगानिस्तान में कैद में रहने के दौरान खुद पर हुए जुल्म की दास्तान सुनाई।
सऊदी अरब में पैदा हुए आमेर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि अतीत में हुई किसी बात के लिए अदालत न्याय करेगी। मैं किसी पर मुकदमा नहीं चलाना चाहता। मैं नहीं चाहता कि कोई मुझसे पूछे कि अतीत में मेरी क्या भूमिका थी। मैं लोगों को सिर्फ सच्चाई बताना चाहता हूं।”
उसने कहा कि वह ‘कई वजहों से’ मुआवजे पर बात नहीं कर सकता। साथ ही यह भी जोड़ा कि यह ‘महत्वहीन’ है।
आमेर को 2001 में अफगानिस्तान में अमेरिकी हमले के बाद पकड़ा गया था। उसे पहले अफगानिस्तान में रखा गया और बाद में क्यूबा की गुआंतनामो खाड़ी में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर भेज दिया गया।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को लगता था कि आमेर अल कायदा नेता ओसामा बिन लादेन के साथ काम करता है। लेकिन, आमेर ने बताया कि वह अपने परोपकार के काम के सिलसिले में अफगानिस्तान गया था।
उस पर कभी कोई अभियोग नहीं दर्ज हुआ और जो आरोप था, उसे भी 2007 में हटा लिया गया।
आमेर को 13 साल तक हिरासत में रखने के बाद 30 अक्टूबर को रिहा कर दिया गया।
आमेर ने कहा कि उसे 80 से 90 फीसदी तक विश्वास है कि ब्रिटेन का एक खुफिया अफसर उस वक्त गुआंतनामो की जेल में मौजूद था, जब एक अमेरिकी जांचकर्ता कैदी का सिर दीवार पर मार रहा था।
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