लंदन, 27 जून (आईएएनएस)। ब्रिटेन की कुल आबादी का लगभग सात प्रतिशत हिस्सा यानी 46 लाख लोग लगातार गरीबी की मार झेल रहे हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) की ओर से मंगलवार को जारी रपट में यह खुलासा हुआ है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ब्रिटेन में पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक गरीबी का शिकार हैं। अब तक के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, यह अंतर सबसे अधिक है।
एक अध्ययन में सामने आया है कि ब्रिटेन का यह स्तर यूरोपीय संघ के सभी सदस्यों के बीच पांचवे स्थान पर है। इसकी तुलना में रोमानिया में सर्वाधिक लोग (19.3 प्रतिशत) गरीबी की चपेट में हैं, वहीं डेनमार्क में केवल 4.3 प्रतिशत लोग गरीबी की मार झेल रहे हैं।
ओएनएस के सांख्यिकी विशेषज्ञों ने यूरोपीय आयोग द्वारा उपयोग किए गए उपायों के आधार पर अपने आंकड़े संकलित किए हैं, ताकि ईयू के पार गरीबी और सामाजिक बहिष्कार पर नजर रखने में सहायता मिल सके।
ओएनएस ने यह भी कहा कि ब्रिटेन और ईयू की औसत गरीबी दर के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। यह 2008 में 0.2 प्रतिशत था, जो 2015 में 3.6 प्रतिशत हो गया।
यह दर्शाता है कि ब्रिटेन में महिलाओं का एक उच्च अनुपात (8.2 प्रतिशत) पुरुष (6.3 प्रतिशत) की तुलना में अधिक गरीबी झेल रहा है। यह अंतर 2008 में उपलब्ध आंकड़े के बाद से बना हुआ है।
ओएनएस के अध्ययन में उन लोगों पर भी नजर डाली गई है, जो गरीबी रेखा से नीचे हैं। ब्रिटेन के 16.7 प्रतिशत लोग 2015 में इस स्थिति पर थे। यह ईयू सदस्यों की सूची में मध्यम स्थान पर था और इसके औसत मानक 17.3 प्रतिशत से थोड़ा ऊपर है।
ब्रिटेन में गरीबी की स्थिति स्वीडन (सात प्रतिशत), हंगरी (सात प्रतिशत), साइप्रस (7.3 प्रतिशत), नीदरलैंड्स (7.3 प्रतिशत) और स्लोवाकिया (7.3 प्रतिशत) के बराबर है। हालांकि, यह स्थिति फ्रांस और इटली से कम है।
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