चेन्नई, 17 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने बुधवार को आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के मामले में बतौर तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री उनके तथा ब्रिटिश राजकोष के चांसलर जॉर्ज ओस्बोर्न के बीच हुए पत्र-व्यवहार को सार्वजनिक करने की मांग की।
चेन्नई, 17 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने बुधवार को आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के मामले में बतौर तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री उनके तथा ब्रिटिश राजकोष के चांसलर जॉर्ज ओस्बोर्न के बीच हुए पत्र-व्यवहार को सार्वजनिक करने की मांग की।
चिदंबरम ने यहां मीडियाकर्मियों से बातचीत में सरकार से अपील की कि वह उनके तथा ओस्बोर्न के बीच हुए पत्र व्यवहार को सार्वजनिक करे और उन्होंने पूछा कि ललित मोदी के पासपोर्ट को फिर से बहाल कर देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय न जाने का निर्णय केंद्र सरकार के किस व्यक्ति ने लिया।
चिदंबरम ने पूछा, “सरकार पत्र को सार्वजनिक करने में क्यों शर्मा रही है?”
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री को ललित मोदी को अस्थायी यात्रा दस्तावेज के लिए ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग से संपर्क करने की सलाह देनी चाहिए थी, क्योंकि वह भारतीय नागरिक हैं।
चिदंबरम ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि क्यों सुषमा ने एक ब्रिटिश सांसद से मोदी की पुर्तगाल यात्रा की व्यवस्था करने के बारे में बात की।
चिदंबरम ने पुरानी बातें याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने ब्रिटिश समकक्ष ओस्बोर्न को लिखा था कि ललित मोदी के खिलाफ भारतीय कानून के तहत जांच चल रही है और ब्रिटिश सरकार को उन्हें भारत वापस भेज देना चाहिए, क्योंकि भारत सरकार ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया है।
पूर्व वित्त मंत्री के अनुसार, मौजूदा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि ललित की 16 मामले में जांच चल रही है, इनमें से 15 में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
चिदंबरम ने हालांकि, इसे भाजपा नीत केंद्र सरकार के अंतर्गत हुआ भ्रष्टाचार का मामला नहीं माना है और कहा कि यह सीधे तौरे पर पद के दुरुपयोग, भाई-भतीजावाद और नियमों के उल्लंघन का मामला है।
उन्होंने अपने सात सवालों के जवाब मांगे।
1. सरकार ब्रिटिश समकक्ष के साथ उनके पत्र-व्यवहार को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही?
2. मोदी के पासपोर्ट वापस करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सरकार की तरफ से किसने फैसला किया?
3. सुषमा ने मोदी को भारतीय उच्चायोग से संपर्क करने को क्यों नहीं कहा?
4. मोदी को नए पासपोर्ट देने का फैसला क्यों नहीं किया गया?
5. क्या भारत सरकार ने मोदी को दीर्घ अवधि का वीजा देने पर ब्रिटिश सरकार से विरोध जताया?
6. सुषमा ने इस बात पर जोर क्यों नहीं दिया कि मोदी को यात्रा दस्तावेज के लिए भारत आना होगा?
7. अगर भाजपा सरकार मोदी को सुरक्षा देने के काबिल नहीं है, तो फिर वह क्यों कह रहे हैं कि भारत में उनकी जान को खतरा है?
जेटली के बयान कि यह सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है, का उल्लेख करते हुए चिदंबरम ने कहा कि इसका मतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ललित मोदी के संबंध में लिए गए फैसले में जिम्मेदार हैं।
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