लंदन, 13 फरवरी (आईएएनएस)। ब्रिटेन की सरकार ने एक ऐसे टूल का विकास किया है जो सही ढंग से चरमपंथी कंटेंट की पहचान करने और इसे देखे जाने से ब्लॉक कर देता है। मीडिया रिपोर्ट से मंगलवार को यह जानकारी मिली।
गृह सचिव अंबर रूड ने बीबीसी को बताया कि वह कानून के अंतर्गत इसे प्रोद्यौगिकी कंपनियों द्वारा लागू कराने की संभावना से इनकार नहीं कर रही हैं।
रूड ने अपने अमेरिकी दौरे के दौरान इस विचार के बारे में चर्चा के लिए विभिन्न प्रौद्यौगिकी कंपनियों का दौरा किया था।
रूड ने कहा, “इस टूल को सरकार की चरमपंथी गतिविधियों पर लगाम लगाने की मांग के बाद इजाद किया गया, जो अकारण नहीं है।”
उन्होंने बीबीसी से कहा, “यह इस तथ्य का काफी विश्वसनीय उदाहरण है कि आपके पास वह सूचना है जिसके आधार पर आप चरमपंथी सोच वाले कंटेंट को सबसे पहले ऑनलाइन होने से रोक पाएंगे।”
सरकार ने इस टूल के लिए जन निधि से 8 लाख 32 हजार डॉलर खर्च किए हैं। इसे लंदन स्थित एक आर्टिफिशियल इंटिलिजेंस कंपनी ने विकसित किया है।
एएसआई डाटा साइंस के अनुसार, यह सॉफ्टवेयर 99.995 प्रतिशत की शुद्धता के साथ आतंकी संगठन आईएस की 94 प्रतिशत ऑनलाइन गतिविधि की पहचान करने में सक्षम है।
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