भाजपा मीडिया सेंटर में आम और ख़ास को निरूपित करते मीडिया-प्रभारी डॉ .हितेष बाजपेई

htअनिल सिंह(भोपाल )— सत्ता पक्ष से शोर्ट कट से जुड़ने वाले व्यक्ति संस्था के लिए नहीं सिर्फ अपने हित के लिए ही कार्य करते हैं।
इनकी सोच अंग्रेजों से मिलती है और कुछ तो तालिबानी सिद्धांतों से भी दो- चार रहते हैं,इनमे से ही एक हैं भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ . हितेष बाजपेई।
कल हम दो पत्रकार उनके कमरे में बैठे थे तभी वहां टाइम्स ऑफ़ इंडिया से दो सज्जन आये,बातचीत शुरू होते ही परिचय का आदान-प्रदान हुआ,उन सज्जनों ने इन भाई साब की बायोग्राफी जानना शुरू की तब हितेष जी हमारे सामने बात करने में हडबडा गए और हमेशा की तरह वहां से जाने को हमें कह दिया और अपना इम्प्रैशन उन लोगों पर जो निश्चय ही झूठा है जमाने के लिए आदतन २ से ३ घंटे प्रवचन देते रहे।
क्यों बचते हैं ये जानने वालों से
इनका इतिहास जो जानते हैं उनके सामने ये दूसरों से बातें करने में संकोच का अनुभव करते हैं,क्योंकि पहला इम्प्रैशन बड़े लोगों में अच्छा माना जाता है और जो जानते हैं उनके सामने दिक्कत होती है वार्तालाप में।
ये दावा करते हैं की ये पहले संघी थे (नौकरी करते थे या संघ का कार्य )
भाई साब कई दफे दबी जबान में कहते हैं की ये दिल्ली कार्यालय में रह कर कार्य करते रहे,6 साल पहले भाजपा में आने का दावा भी करते हैं ये।हाँ उच्च अधिकारी ये रहे हैं और यहाँ समता की सामाजिकता में भी उसी उच्च वर्ग को पसंद करते हैं।
फर्जीवाड़े से पुराना रिश्ता रहा है इनका
ये जहाँ रहे वहाँ आर्थिक अनियमितताओं से इनका नाम जुड़ गया,नौकरी से त्यागपत्र दिया (कारण क्या अभी भी गर्त में है),शिवम् अस्पताल का फर्जीवाड़ा भी लोगों के पास कागजात के रूप में है जहाँ से उन्हें निकाला गया,भाजपा कार्यालय के कई कर्मचारियों से इलाज के नाम पर पैसों का फर्जीवाडा मशहूर है,चरेवेति वेबसाइट बनाने में आर्थिक अनियमितता सबके सामने है,रायसेन अस्पताल काण्ड वहां के कर्मचारी आज भी गान गाते हैं,शिवम् अस्पताल में एक मरीज के ट्यूमर के फर्जी ऑपरेशन और पैसे वसूली का किस्सा प्रसिद्द है,मुख्यमंत्री सहायता कोष का 13 करोड़ का फर्जीवाड़ा सामने आने वाला है,जो फर्जो डाक्टरों का संघ बना कर ये रुपये वसूलते हैं और उस आड़ में वे फर्जी डॉक्टर अंग्रेजी दवाइयों से इलाज कर मानव जीवन से खिलवाड़ करते हैं उसके अपराधी भी यही भाई साब हैं,इनके अलावा और भी बातें हैं जो समय आने पर प्रस्तुत हम आपके सामने करेंगे।
जिन्हें ये सेट करते हैं भाजपा को वे ही नुकसान करते हैं
भाई साब की राजनीती अपने आप को बढाने की है,संगठन से जुड़े लोगों के ये दुश्मन हैं,इनके आगे जो पड़ा फर्जी तरीके से उसे रास्ते से हटाने में ये संकोच नहीं करते।प्रभात झा के ये कृपा- पात्र माने जाते हैं और उन्ही के साथी अनिल सौमित्र को निपटाने में ये भाई साब बदनाम हो चुके हैं।बड़े समूह क पत्रकारों से इनका ख़ास लगाव है उनके साथ अंतरंगता के किस्से इनके आम हैं,लेकिन वे ही इन्हें वक्त पर ख़बरों में बाय-पास कर जाते हैं और भाजपा के नुक्सान में भाईसाब का योगदान आ जाता है।
कर्मचारी विरोधी,आम जन विरोधी,उच्च वर्ग से मित्रता की छवि है इनकी
ये भाई साब कर्मचारी विरोधी रूप में कुख्यात हैं ,भाजपा के उज्जवल भाल पर इनका कलंक कब तक लगा रहेगा यह तो इनकी किस्मत ही तय करेगी।अब भी ये अपने को सुधार ले या भाजपा संगठन सतर्क हो तो सबके लिए अच्छा है वर्ना परिवार में विवाद होते ही रहेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो हम आपके सामने और भी घटनाएं और सबूत प्रस्तुत करेंगे।
…………. अरे हाँ वो टेबलेट,हैंडी – कैम ,डिजिटल -टेलीविज़न,लैपटॉप किसी ने देखा क्या यदि दिखा हो तो खबर जरूर करें शायद बड़े ड्राइंग रूम में रखीं हों 52 ” का टेलीविज़न बड़ा ही होता है .

About Dharm Path


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493