अक्रा (घाना), 6 जून (आईएएनएस)। भारतीय मूल के धर्मार्थ संगठन तुलसी चनराय फाउंडेशन (टीसीएफ) ने नाइजीरिया के वंचित तबके के 30 लाख से ज्यादा बच्चों तथा वयस्कों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं।
अक्रा (घाना), 6 जून (आईएएनएस)। भारतीय मूल के धर्मार्थ संगठन तुलसी चनराय फाउंडेशन (टीसीएफ) ने नाइजीरिया के वंचित तबके के 30 लाख से ज्यादा बच्चों तथा वयस्कों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं।
टीसीएफ ने यह अहम उपलब्धि अपने तीन कार्यक्रमों-मिशन फॉर विजन, मिशन फॉर प्राइमरी हेल्थ तथा मिशन फॉर वाटर के जरिए हासिल की है।
टीसीएफ चनराय परिवार का धर्मार्थ संगठन है। चनराय परिवार ने नाइजीरिया में सन् 1923 में पहली भारतीय कंपनी की स्थापना की थी। तब से लेकर अब तक यह नाइजीरिया की बेहद सफलतम तथा प्रतिष्ठित कंपनियों में से एक बन चुकी है।
नाइजीरियाई सरकार ने टीसीएफ को एक अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की मान्यता दी है।
टीसीएफ की 2015-16 की रपट के मुताबिक, उसने सन् 1994 में अपनी स्थापना से लेकर अब तक देश में आंखों की एक लाख सर्जरी कर चुकी है, जिससे गरीबों को नई रोशनी मिली।
15 लाख से अधिक माताओं व बच्चों को बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं मुहैया कराई गईं।
इस दौरान, 19.5 लाख लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए 4,384 हैंड पंप लगाए गए।
रपट के मुताबिक, “भले ही नाइजीरिया भीषण विद्रोह तथा आर्थिक मंदी के दौर से गुजरा हो, लेकिन टीसीएफ देश भर में अपनी सेवाओं को निर्बाध रूप से मुहैया कराने के प्रति कटिबद्ध रहा और जरूरतमंदों की मदद की।”
साल 2015-16 के दौरान उसने जारिया कदुना में जी.के.चनराय मेमोरियल हॉस्पिटल सहित कई परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया।
15 अप्रैल, 2015 से लेकर बीते साल मार्च तक 195,317 लोगों का इलाज किया गया तथा 83,050 बच्चों का टीकाकरण किया गया।
रपट में कहा गया है कि उसके मिशन फॉर विजन प्रोग्राम का मकसद ग्रामीण इलाकों में उच्च गुणवत्ता की नेत्र सर्जरी प्रदान कर इलाज योग्य अंधापन को कम करना है।
रपट में कहा गया है, “परिणामस्वरूप, कटसिना, केब्बी तथा क्रॉस रिवर राज्यों में भारी तादाद में लोगों को मोतियाबिंद का उच्च गुणवत्ता का नेत्र इलाज मिला।”
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