भारतीय कालीन मेले में जुटे 262 निर्यातक

नई दिल्ली, 27 मार्च (आईएएनएस)। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) भारत सरकार के तत्वावधान में 29वें भारतीय कालीन मेले का आयोजन कर रहा है। यह मेला 27 से 30 मार्च 2015 तक नई दिल्ली में प्रगति मैदान के हॉल संख्या 8 से 11 में आयोजित किया गया है। इस बार 262 निर्यातक अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं।

यह मेला कालीन के अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों, कालीन कारोबारियों, एजेंटों, वास्तुकारों और भारतीय कालीन उत्पादकों तथा निर्यातकों के एक दूसरे से मिलने और दीर्घकालीन व्यापार संबंध स्थापित करने के लिए आदर्श मंच है। मेले का उद्देश्य भारत की हस्तनिर्मित कालीन बुनाई और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना तथा जमीन पर बिछाने की अन्य वस्तुओं को यहां आने वाले कालीन के विदेशी खरीदारों के सामने पेश करना है।

यह हस्तनिर्मित कालीनों का एशिया का सबसे बड़ा मेला है जहां खरीदारों को सबसे अच्छे हस्तनिर्मित कालीन, रग्स और फर्श की बिछावन एक ही स्थान पर मिल जाते हैं। यह हस्तनिर्मित कालीनों के लिए दुनिया भर में एक लोकप्रिय आयोजन बन गया है।

कालीन खरीदारों की मांग के अनुसार डिजाइन, रंग, गुणवत्ता और आकार में कालीन उत्पादन की अपनी अद्वितीय क्षमता के चलते भारत ने स्वयं को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित कर लिया है।

भारतीय कालीन मेले को लेकर निर्यातकों में जबरदस्त उत्साह है: इस बार 262 निर्यातक अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। इन कई वर्षो के आयोजन से मेले ने दुनिया भर के कालीन खरीदारों के बीच अपनी पैठ जमा ली है।

मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, चिली, जर्मनी, मेक्सिको, रूस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका जैसे 57 देशों के करीब 450 कालीन आयातकों ने मेले में पंजीकरण कराया है। बुल्गारिया, इस्राइल, मलेशिया, मॉरीशस, ताइवान, जिम्बावे, वियतनाम, सर्बिया, हंगरी जैसे देशों के खरीदार पहली बार इसमें शामिल हो रहे हैं।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493