काबुल, 10 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में संदिग्ध आतंकवादियों ने एक भारतीय महिला सहायताकर्मी का अपहरण कर लिया है। भारत और अफगानिस्तान के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली में सूत्रों ने कहा कि महिला की पहचान 40 वर्षीया जुडिथ डिसूजा के रूप में की गई है। वह काबुल में आगा खां डेवलपमेंट नेटवर्क में वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं।
जूडिथ का अपरहण गुरुवार देर शाम हुआ। फिलहाल किसी आतंकवादी समूह ने इस अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है।
सूत्रों के अनुसार, काबुल में भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी अफगान प्रशासन व सरकार के साथ संपर्क में हैं। दिल्ली के अधिकारी भी कोलकाता में महिला के परिवार के साथ संपर्क साधे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि महिला की रिहाई के लिए अफगान अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
आगा खां फाउंडेशन ने भी आईएएनएस से इस बात की पुष्टि की है कि उसके एक कार्यकर्ता का अपहरण कर लिया गया है। हालांकि संस्था ने अपहृत कार्यकर्ता का नाम नहीं बताया है।
आगा खां के प्रवक्ता सैम पिकेन्स ने ईमेल पर भेजी प्रतिक्रिया पर कहा है, “अधिकारियों ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है और संस्था के सदस्य की सुरक्षित रिहाई के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।”
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि उन्होंने जूडिथ की बहन से बात की है।
सुषमा ने ट्वीट किया, “मैंने जूडिथ डिसूजा की बहन से बात की है। जूडिथ को बचाने के लिए हमारे प्रयासों में कोई कमी नहीं होगी।”
सुषमा ने आगे लिखा, “वह आपकी बहन और भारत की बेटी हैं। हम उन्हें ढूंढ़ने के लिए सभी प्रयास करेंगे। अपने बीमार पिता का ख्याल रखना।”
जूडिथ के परिवार ने उम्मीद जताई है कि भारत और अफगानिस्तान जूडिथ को जल्द ही रिहा करा लेंगे।
जूडिथ की बहन एग्नेस डिसूजा ने कोलकाता में मीडिया से कहा, “यह एक अन्य देश में हुआ है। वहां की सरकार को इसके लिए कदम उठाने चाहिए। जूडिथ को वह स्थान पसंद है और उसने बताया कि वहां काम करने के लिए बहुत कुछ है। लेकिन अगर ऐसी घटनाएं होती हैं तो वहां कोई क्यूं जाना चाहेगा। मैं प्रत्येक एजेंसी से आग्राह करती हूं कि वह अपने तरफ से प्रयास करे। भारत सरकार को अपनी तरफ से जोर लगाना चाहिए और मेरी बहन को वापस लाना चाहिए।”
इस हमले में तालिबान की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर एग्नेस ने कहा, “मुझे जानकारी नहीं है।”
जूडिथ के परिवार को यह सूचना गुरुवार देर रात काबुल में भारतीय दूतावास से प्राप्त हुई।
अपहरण की यह घटना भारतीय दूतावास द्वारा अफगानिस्तान में रहने वाले और यात्रा करने वाले अपने नागरिकों के लिए पिछले माह चेतावनी जारी करने के बाद हुई है।
चेतावनी के मुताबिक, “अफगानिस्तान में रहने वाले और यात्रा करने वाले सभी भारतीयों को सलाह दी जाती है कि देश में सुरक्षा की स्थिति अत्यधिक अस्थिर बनी हुई है। यहां विदेशियों के खिलाफ आतंकवादी हमले हो रहे हैं और इनके जारी रहने की संभावना है। साथ ही यहां अपहरण और बंधक बना लेने का खतरा भी है।”
एक तरफ अफगानिस्तान में भारतीय प्रतिष्ठानों को कई बार निशाना बनाया जा चुका है, और दूसरी तरफ भारत ने इस अशांत देश के पुनर्निर्माण के लिए भारी निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
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