ग्रेटर नोएडा, 10 फरवरी (आईएएनएस)। तीन साल के छोटे से सत्र के बाद जहां फॉर्मूला-1 कार रेसिंग ने भारत से अपना हांथ खींच लिया और निकट भविष्य में उसकी वापसी के भी आसार नहीं है, वहीं इलेक्ट्रिक कारों की फॉर्मूला-ई रेसिंग भारत में पदार्पण करना चाहती है।
हालांकि इसके लिए अभी कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है।
फॉर्मूला-ई रेसिंग सितंबर, 2014 में बीजिंग से शुरू हुई और इस समय इसका दूसरा सत्र चल रहा है। दूसरे सत्र की शुरुआत पिछले वर्ष अक्टूबर में हुई और इस वर्ष जुलाई तक चलेगी।
फॉर्मूला-ई को भी पूरी दुनिया में आयोजित किया जा रहा है और इसके प्रत्येक सत्र में स्ट्रीट सर्किट पर 10 रेस आयोजित किए जाते हैं।
फॉर्मूला-ई की मीडिया एवं रणनीतिक साझेदारी के निदेशक अली रसेल ने यहां बुधवार को आईएएनएस से कहा, “निश्चित तौर पर हम भारत में रेस करना चाहते हैं। भारत में यह एक शानदार आयोजन होगा। हमारे पास स्थानीय साझीदारों (महिंद्रा रेसिंग) का समर्थन भी है। हमें मीडिया से सहयोग की दरकार है ताकि हमारे भारत में पदार्पण अभियान को अच्छी तरह प्रचारित किया जा सके।”
आईएएनएस को इससे पहले दिए साक्षात्कार में एकमात्र भारतीय फॉर्मूला-ई टीम महिंद्रा रेसिंग के टीम प्रिंसिपल दिलबाग गिल ने तीसरे सत्र में रेस को भारत लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया था।
हालांकि रसेल का कहना है कि भारत में 2016-17 सत्र में रेस का आयोजन अभी तो असंभव है।
रसेल ने कहा, “यह आसान नहीं होगा। हमें अनेक अधिकारियों के साथ बैठकें करनी होंगी और इस संबंध में भरपूर विचार-विमर्श करना होगा। हमें स्थानीय अधिकारियों का भरपूर सहयोग चाहिए होगा, क्योंकि यह एक स्ट्रीट रेस है। हम भारत में इस रेस का प्रभाव स्थापित करना चाहते हैं और भारत में रेस कर हमें खुशी होगी। ईमानदारी से कहूं तो तीसरे सत्र की रेस भारत में करवाना यथार्थ से परे है।”
भारत में पदार्पण के लिए शहर के चयन पर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने नई दिल्ली को सही चयन बताया।
राष्ट्रीय राजधानी से सटे ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्धा अंतर्राष्ट्रीय सर्किट पर अपनी पहली फॉर्मूला-ई कार एम2इलेक्ट्रो का अनावरण करते हुए आनंद महिंद्रा ने कहा, “इस रेस के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय, पुलिस और सरकार की भागीदारी की जरूरत होगी। हम कोशिश करेंगे और उनमें इसके प्रति इच्छा जगाने की कोशिश करेंगे और भारत में रेस के आगमन के लिए माहौल तैयार करेंगे।”
उन्होंने कहा, “लोग इसे देखना चाहते हैं और मीडिया से मेरा अनुरोध है कि वे इसके बारे में जागरूकता और माहौल तैयार करें।”
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