न्यूयॉर्क, जुलाई 25 (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया, इनोवेट इन इंडिया’ पहल के कारण अमेरिका-भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) का चिकित्सा उपकरण व्यापार मिशन भारत में अवसरों को लेकर खासा उत्साहित है। उन्हें अगले साल तक इस क्षेत्र के 7.7 अरब डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।
बॉस्टन साइंटिफिक में न्यूरोमॉड्यूलेशन विभाग के अध्यक्ष मौलिक नानावटी के मुताबिक, “हमने भारत सरकार की प्राथमिकताओं के साथ सहयोग जारी रखने हेतु चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में निवेश और प्रतिभा आकर्षित करने के लिए अवसरों को पहचान लिया है।”
“भारत ने कई क्षेत्रों में नए उद्योगों को विकसित करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है और चिकित्सा उपकरणों में भी समान क्षमता को बनाए रखा है।”
उन्होंने शुक्रवार को जारी बयान में कहा, “सरकार के ‘मेक इन इंडिया और इनोवेट इन इंडिया’ अभियान को पूरा करने के लिहाज से यह समय सही है।”
यूएसआईबीसी ने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय चिकित्सा उपकरण उद्योग 4.4 अरब डॉलर का है, जो एशिया में चौथे स्थान पर है। वार्षिक तौर पर 10 से 15 प्रतिशत की विकास दर के साथ इसमें 2016 तक सात अरब डॉलर तक बढ़ने की क्षमता है।
यूएसआईबीसी की निदेशक एमी हरियानी ने कहा, “भारत में चिकित्सा उपकरण उद्योग में तेजी से बदलाव हो रहा है। स्वास्थ्य बीमा के व्यापक रूप से उपलब्ध होने की वजह से इसमें उच्च दर से विकास होने का अनुमान है।”
इस मिशन में अबॉट, मेडट्रॉनिक, जिमर, जॉन्सन एंड जॉन्सन, क्विंटाइल्स, जनरल इलेक्ट्रिक, वेरियन मेडिकल और एजेडबी एंड पार्टनर्स जैसी अमेरिका की अग्रणी कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं। इन्होंने नई दिल्ली और गांधीनगर का दौरा भी किया और कई सरकारी विभागों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
इस प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से चिकित्सा उपकरणों के लिए अलग से विधेयक लाने का आग्रह किया है।
dharmpath.com dharmpath