न्यूयॉर्क, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रंगला ने कहा है कि भारत की कूटनीति में मानवीय कार्य एक महत्वपूर्ण तत्व है, हालांकि यह कभी-कभी इसके रणनीतिक और रक्षा पहलुओं की वजह से फीका पड़ जाता है।
न्यूयॉर्क, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रंगला ने कहा है कि भारत की कूटनीति में मानवीय कार्य एक महत्वपूर्ण तत्व है, हालांकि यह कभी-कभी इसके रणनीतिक और रक्षा पहलुओं की वजह से फीका पड़ जाता है।
उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर एक वर्ष तक चलने वाले कार्यक्रम के तहत ‘इंडिया फॉर ह्यूमनिटी’ शीर्षक पर आयोजित संगोष्ठी में गुरुवार को कहा, “दूसरे देशों में भारत की कूटनीतिक पहुंच के लिए मानवीय सहायता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
यह संगोष्ठी विदेश मंत्रालय और एक गैर सरकारी संगठन की सहभागिता के जरिए भारतीय कूटनीति के मानवीय तत्व को बढ़ावा देने में ‘जयपुर फूट’ के उदाहरण पर केंद्रित था।
कृत्रिम अंग जयपुर फूट को इसके सादगी और प्रभावशीलता के लिए कुछ लोग इसे ‘गांधीवादी अभियांत्रिकी का चमत्कार’ कहते हैं। इसे जयपुर में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति द्वारा बनाया जाता है।
पूरे विश्व में पीड़ितों को मुफ्त में कृत्रिम अंग मुहैया कराने के संगठन के कार्य का संदर्भ देते हुए श्रंगला ने कहा, “जयपुर फूट गांधी की करुणा का संदेश देता है।”
बांग्लादेश और मालावी के राजदूतों ने जयपुर फूट के उनके देशों में मानवीय कार्यो की प्रशंसा की।
संयुक्त राष्ट्र में मालावी के उप स्थायी प्रतिनिधि लोट जोंजी ने गांधी को एक महान इंसान बताते हुए कहा कि जयपुर फूट वह हाथ है, जिसके जरिए भारत ने मेरे देश के 500 लोगों को छुआ है।
बांग्लादेश के महावाणिज्यदूत सादिया फैजुन्निसा ने कहा कि जयपुर फूट संगठन उनके देश में वंचित लोगो की जिंदगियां बदल रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत हमारा पड़ोसी देश है और इसने म्यांमार शरणार्थी समस्या के समय भी हमें मानवीय सहायता पहुंचाई थी।
dharmpath.com dharmpath