भारत की नीति बदलने से मधेसी आंदोलन बेजान हुआ: ओली

काठमांडू, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने कहा है कि भारत द्वारा अपनी नीति बदलने के बाद मधेसियों का आंदोलन बेजान हो गया।

काठमांडू, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने कहा है कि भारत द्वारा अपनी नीति बदलने के बाद मधेसियों का आंदोलन बेजान हो गया।

कम्युनिस्ट पार्टी आफ नेपाल-एकीकृत माओवादी-लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) की पोलित ब्यूरो की बैठक में 12 पृष्ठों का राजनीतिक दस्तावेज पेश करते हुए ओली ने दावा किया कि नेपाल की अघोषित नाकेबंदी के दौरान बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय आलोचना के बाद भारत ने मधेशी आंदोलन को समर्थन देना बंद कर दिया है।

ओली सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष भी हैं। यह संसद में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है।

ओली ने अपने दस्तावेज में कहा है कि नेपाल के प्रति भारत के रुख की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने आलोचना की और उस पर दबाव बनाया। इसके बाद भारत ने अपनी नीति बदली। भारत मधेशियों का आगे समर्थन देना जारी नहीं रख सकता है।

वर्ष 2015 के सितंबर में लागू हुए नए संविधान के प्रावधानों से अपनी नाराजगी जताते हुए मधेशी राजनीतिक दलों ने आंदोलन शुरू किया था। इसमें कम से कम 59 लोगों की मौत हो गई थी और बडी संख्या में लोग घायल हुए थे।

भारत से लगे नेपाल के मैदानी इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे और नाकाबंदी की गई थी। इन इलाकों में नेपाल और भारत का सीमाई इलाका भी शामिल था। नाकाबंदी के कारण भारत से ईंधन और जरूरी सामान की आपूर्ति बाधित हुई थी।

हालांकि, बगैर किसी राजनीतिक करार के ये नाकाबंदी फरवरी में समाप्त हो गई, लेकिन राजनीतिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ। सरकार ने संविधान में संशोधन तो किए लेकिन आंदोलनकारी मधेशियों और सरकार के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। मधेशियों ने मई से नए सिरे से आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

भारत कहता रहा है कि आंदोलनकारी दलों और सरकार के बीच राजनीतिक गतिरोध के समाधान के लिए बातचीत होनी चाहिए।

ओली ने कहा है कि हम मित्र देशों के सुझावों पर विचार कर सकते हैं लेकिन हम अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और उनके गैरजरूरी सरोकार को नहीं स्वीकार करेंगे।

उन्होंने मधेशी राजनीतिक दलों की आलोचना करते हुए कहा है, “वे पहाड़ी और तराई वाले इलाके को बांटने की अब भी साजिश रच रहे हैं, जो पूरी तरह से अनुचित है और किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।”

उन्होंने कहा कि सरकार तराई-मधेस क्षेत्र में लोगों की आर्थिक-सामाजिक स्थिति बेहतर करने के लिए कई विकास योजनाएं शुरू करेगी।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493