इस्लामाबाद, 14 दिसम्बर (आईएएनएस)। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में गैर-एनपीटी देशों की सदस्यता के लिए मानक स्थापित करने को मिल रहे समर्थन से खुश है। लेकिन, ‘बड़ी शक्तियां’ द्वारा छोटे देशों पर भारत को प्रवेश प्रक्रिया में छूट देने के लिए दबाव डाले जाने से चिंतित है।
‘डॉन’ के मुताबिक, विदेश कार्यालय के निरस्त्रीकरण महानिदेशक कामरान अख्तर ने कहा, “बहुत से देश हैं जो अब एनएसजी सदस्यता के लिए छूट देने के बजाए समान मानदंड आधारित दृष्टिकोण अपना रहे हैं, लेकिन दबाव छोटे देशों पर डाला जा रहा है।”
अख्तर ने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि एनएसजी देश छूट देने के लिए मानकों से नीचे नहीं जाएंगे। लेकिन यदि वे ऐसा करते हैं और भारत को छूट देते हैं तो इसका गंभीर असर सिर्फ पाकिस्तान पर नहीं, बल्कि दूसरे गैर-परमाणु हथियार वाले देशों पर भी पड़ेगा। वे भी परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के अधिकारों से वंचित व अन्याय महसूस करेंगे।”
उन्होंने कहा कि यह अब एनएसजी देशों को तय करना है कि क्या वे समूह को राजनीतिक और वाणिज्यिक हितों के तहत संचालित होता हुआ देखना चाहते हैं या वे परमाणु अप्रसार लक्ष्यों को मजबूत करना चाहते हैं।
हथियार नियंत्रण और निरस्त्रीकरण मामलों के महानिदेशक खालिद बनौरी ने कहा कि पाकिस्तान, भारत से युद्ध नहीं, शांति चाहता है। पाकिस्तान के हथियार क्षेत्र में शांति बनाए रखने और शक्ति संतुलन के लिए हैं।
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